नगरीय विकास एवं आवासन (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बुधवार को स्वायत्त शासन विभाग के सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य सरकार की जनहितैषी योजनाओं, संकल्प पत्र एवं बजट घोषणा 2025-26 की कार्यप्रगति की गहन समीक्षा की।
बैठक में मंत्री खर्रा ने भू-उपयोग, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, फील्ड स्तर पर निरीक्षण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी जांच अनिवार्य होगी और निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यूडीएच मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में चलाई जा रही योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से आमजन तक पहुंचे, इसके लिए जमीनी स्तर पर सतत निगरानी एवं नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही राज्य सरकार की प्राथमिकताएं हैं और इन पर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग देबाशीष पृष्टि ने बताया की वर्षाकाल के दौरान सड़कों के क्षतिग्रस्त होने पर विभाग द्वारा कुल 892083 वर्गमीटर सड़क मरम्मत अबतक की जा चुकी है।
शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन ने बजट घोषणा 2025-26 की क्रियान्विति पर प्रकाश डालते हुए बताया की ग्रीन लंग्स के विकास के लिए 16 निकायों को कार्यकारी एजेंसी नियुक्त कर जनसहयोग एवं सीएसआर के माध्यम से कार्य किए जाएंगे, जिसमे से उदयपुर एवं भीलवाड़ा में कार्य पूर्ण किया जा चुका है , राज्य सरकार द्वारा ध्वनि प्रदूषण के नियंत्रण के लिए साउंड बैरियर्स लगाए जाने का निर्णय लिया गया था जिसकी अनुपालना में भरतपुर, अलवर और उदयपुर से प्रस्ताव प्राप्त किए जा चुके है इसी के साथ ही उन्होंने बताया की नगरीय निकायों के डंपिंग साइट्स पर पड़े लगभग 65 लाख घन मीटर पुराने कचरे का निस्तारण करवाया जाएगा जिसके लिए प्रस्ताव तैयार कर निविदा आमंत्रित की जा रही है ।
उल्लेखनीय है की स्वायत्त शासन विभाग द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अबतक 88 लाख घन मीटर में से 83 लाख घन मीटर पुराने कचरे का निस्तारण किया जा चुका है ।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग देबाशीष पृष्टि, जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त सिद्धार्थ महाजन, शासन सचिव स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन उपस्थित रहे। इसके अलावा राज्य के सभी नगरीय विकास न्यासों एवं नगरीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा योजनाओं की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि शहरी विकास के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके।






