नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) की राजस्थान इकाई में सियासी हलचल तेज हो गई है। NSUI के प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ को बिना अनुमति नियुक्तियां करने के मामले में ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। नोटिस में दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया है, इसके साथ ही सख्त शब्दों में पद से हटाने की चेतावनी भी दी गई है।
नोटिस NSUI के राष्ट्रीय सचिव और राजस्थान प्रभारी अखिलेश यादव की ओर से जारी किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि संगठन की ओर से पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके थे कि प्रभारी की जानकारी और हस्ताक्षर के बिना जारी किए गए किसी भी नियुक्ति-पत्र को वैध नहीं माना जाएगा। इसके बावजूद प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने 22 जनवरी को नियुक्ति-पत्र जारी किए, जो संगठन के निर्देशों और नियमों के खिलाफ है।
नोटिस में लिखा गया है कि-
विनोद जाखड़ को दो दिनों के भीतर लिखित रूप में यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने यह नियुक्तियां क्यों की। अगर तय समय में जवाब नहीं दिया गया, तो संगठन को उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।

NSUI की अंदरूनी खींचतान सामने नोटिस के जारी होने के बाद संगठन की अंदरूनी खींचतान जगजाहिर हो गई है। NSUI से जुड़े सूत्रों के अनुसार- NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ के बीच लंबे समय से अनबन चल रही है। वहीं विनोद जाखड़, संगठन के एक अन्य राष्ट्रीय नेता के करीबी माने जाते हैं, जिसे लेकर भी असंतोष है।
जाखड़ को पिछले लंबे वक्त से जहां सियासी नियुक्तियां की अनुमति नहीं दी गई। ऐसे में जाखड़ द्वारा नियुक्ति आदेश जारी करते ही उन्हें उसी दिन नोटिस भी थमा दिया गया। इसे संगठन के भीतर चल रही खींचतान और संघर्ष साफ तौर पर देखा जा सकता है।
अब तक इस पूरे मामले पर प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, NSUI के इस नोटिस के बाद प्रदेश की छात्र राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान यूथ कांग्रेस की कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। वहीं अब एनएसयूआई की स्थान ने कांग्रेस पार्टी की मुश्किलों को फिर से बढ़ा दिया है।





