उपमुख्यमंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने मंगलवार को शासन सचिवालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बैठक में अधिकारियों को राज्य कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।डॉ.बैरवा ने स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना 2025-26 की प्रगति की समीक्षा करते हुए इस योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचाया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपमुख्यमंत्री ने विभाग की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक कारणों से कोई भी विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इस दौरान इन्होंने विभिन्न विभागीय बजट घोषणाओं की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न निर्माणकार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि विद्यार्थियों को शीघ्र सुविधा मिल सके।
अतिरिक्त मुख्य सचिव,उच्च एवं तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी करने में सुविधा के लिए 268 महावविद्यालयों में वाचनालय शुरू किए गए हैं।उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में महाविद्यालय भवनों का निर्माण करवाया जा रहा है। श्री रांका ने बताया कि बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त 47 राजकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण एवं रिपेयर कार्यों के लिए 29.13 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है।वहीं, भिनाय-अजमेर,रामगढ़-अलवर एवं डूंगरपुर में महाविद्यालय भवन निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
बैठक में उपमुख्यमंत्री डॉ.बैरवा ने विभागीय प्रक्रियाधीन भर्तियों की अद्यतन स्थिति,राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान तथा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान,कालीबाई भील मेधावी व देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना सहित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में उच्च एवं तकनीकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।






