उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री डॉ.प्रेमचंद बैरवा ने मंगलवार को शासन सचिवालय में आयुष विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक ली।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आयुष आधारित बेहतरीन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
डॉ.बैरवा ने आयुर्वेद,योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा,यूनानी,सिद्धा एवं होम्योपैथी (आयुष) विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रदेश के समस्त आयुष औषधालयों एवं चिकित्सालयों में उच्च गुणवत्ता वाली औषधियों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धतियां जनस्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं और इन्हें अधिक से अधिक आमजन तक पहुंचाया जाना आवश्यक है।
उपमुख्यमंत्री ने आरोग्य मेला,स्वास्थ्य शिविर,स्कूल हेल्थ कैंप,क्षमता संवर्धन कार्यक्रम एवं विभिन्न चिकित्सा शिविरों के नियमित आयोजन पर जोर देते हुए कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से अधिकाधिक नागरिकों को आयुष सेवाओं से जोड़ा जाए।साथ ही पंचकर्म चिकित्सा,आंचल प्रसूता केंद्र सहित सभी विशिष्ट आयुष चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़,प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत अर्जित उपलब्धियों,बजट घोषणाओं की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की गई।बताया गया कि राज्य वार्षिक कार्ययोजना 2025-26 के तहत राजस्थान के सभी आयुष औषधालयों एवं चिकित्सालयों में बेसिक लैब स्थापित की जा रही हैं,जहां हीमोग्लोबिन,शुगर,यूरिन,प्रेगनेंसी,डेंगू, एचआईवी सहित अन्य आवश्यक जांचें की जा सकेंगी।इसके साथ ही सभी केंद्रों पर लैपटॉप उपलब्ध है जिससे सम्पूर्ण आयुष विभाग को आईटी इनेबल्ड किया जा रहा है,जिससे मरीजों की पर्ची ऑनलाइन जारी की जा सकेगी।
इसके अतिरिक्त राजस्थान के समस्त 2019 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में इन्वर्टर,फायर फाइटिंग सिस्टम सहित आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।राज्य में लगभग 30 लाख रुपये की लागत से 100 औषधालयों का सुदृढ़ीकरण,लगभग 2 करोड़ रुपये से 10 बेड के हॉस्पिटल, लगभग 15 करोड़ रुपये से 850 बेड के हॉस्पिटल तथा 70 करोड़ रुपये की लागत से आयुर्वेद महाविद्यालय चाकसू के नवीन निर्माण कार्य प्रारंभ किए जा रहे हैं।साथ ही 100 चिकित्सालयों में मरम्मत कार्य,उपकरण एवं फर्नीचर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि समस्त आयुष चिकित्सा केंद्रों में प्रचुर मात्रा में औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।हाल ही में राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत 39 करोड़ रुपये की आयुर्वेद औषधियों का क्रय किया गया है,जबकि लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से यूनानी एवं होम्योपैथी औषधियों का क्रय प्रक्रियाधीन है।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव,आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग सुबीर कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।





