अजमेर की एससी-एसटी कोर्ट ने पिता की हत्या करने वाली बेटी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 6 साल पहले बेटी ने अपने पिता को पीट-पीटकर मार डाला था। लहूलुहान शव को घसीटकर मकान के बाहर सड़क पर पटक दिया था।
हत्या के बाद अपनी बहन को व्हाट्सएप पर पिता की तस्वीर भेजी थी। घर में खून के धब्बों को भी साफ कर दिया था ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद खुद घर में जाकर सो गई थी।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट में आरोपी बेटी की पेंट पर पिता के खून के निशान पाए गए। इस रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी बेटी को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अब 3 पॉइंट में समझिए पूरा मामला…
1. बेटी ने पिता को पीट-पीटकर मार डाला: विशिष्ट लोक अभियोजक (सरकारी वकील) पंकज जैन ने बताया कि आदर्श नगर थाना क्षेत्र में 3 फरवरी 2020 को विज्ञान नगर निवासी अशोक कुमार दुबे (62) की पीट-पीटकर हत्या की गई थी।
अशोक की हत्या उनकी छोटी बेटी रागिनी दुबे (31) ने की थी। हत्या के बाद, रागिनी ने अपने पिता के शव को घर से घसीटकर बाहर फेंक दिया और अपनी बहन यामिनी दुबे को व्हाट्सएप पर पिता की फोटो भेजकर कहा था- मेरी और पापा का झगड़ा हो गया तो मैंने पापा के साथ ज्यादा मारपीट कर दी, जिससे वह बेहोश हो गए और कमरे में खून फैल गया।
जिस पर मैंने पापा को बाहर डाल दिया। कमरे को पानी से धो दिया। जब यामिनी (बड़ी बहन) घर आई तो उसके पिता मृत अवस्था में मकान के बाहर पड़े हुए थे, और अंदर रागिनी बिस्तर पर सो रही थी।

2. बेटी की पेंट पर मिला था पिता का खून सरकारी वकील पंकज जैन ने बताया कि कोर्ट में ट्रायल के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अशोक कुमार के शरीर पर करीब 19 चोटों के निशान मिले थे। पुलिस ने घटनास्थल से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) से सबूत जुटाए थे। एफएसएल रिपोर्ट में आरोपी बेटी रागिनी की पेंट पर पिता के खून के निशान मिले थे।
अशोक कुमार की शर्ट और बेटी की पेंट पर मिले खून की पुष्टि हुई थी। बेटी ने पिता को मारने के बाद घर में खून को साफ कर दिया था, लेकिन एफएसएल जांच के दौरान पुलिस को घर के अंदर और दीवारों पर खून के धब्बे मिले थे।
3. आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई शुक्रवार को एससी-एसटी कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें न्यायालय ने आरोपी बेटी रागिनी दुबे (36) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बड़ी बेटी यामिनी दुबे की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया था।





