अलवर पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने एक सरकारी स्कूल के टीचर को 5 साल की सजा सुनाई है। टीचर ने 15 साल की एक छात्रा को एक महीने तक अश्लील हरकतें और बैड टच करके परेशान किया था।
कोर्ट ने कहा- टीचर समाज का निर्माता होता है और बच्चों का आदर्श होता है। ऐसे में टीचर ने अपनी ही स्कूल की छात्रा के साथ इस तरह का घिनौना अपराध अक्षम्य है। सजा में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती है।

छात्रा को बैड टच करता था टीचर
सरकारी वकील पंकज यादव ने बताया- टीचर स्कूल में दसवीं कक्षा का क्लास टीचर था। टीचर छात्रा को बैड टच करता था। परेशान होकर छात्रा इसके बारे में स्कूल के प्रिंसिपल को शिकायत दी थी। प्रिंसिपल ने विभाग को मामला भेजा, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। कार्रवाई न होने से आरोपी के हौसले और बढ़ गए। वह लगातार छात्रा से छेड़छाड़ करता रहा।
पिता ने टीचर के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया
सरकारी वकील पंकज यादव ने बताया- जब टीचर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो पीड़िता ने पूरा घटनाक्रम अपने पिता को बताया। इसके बाद 23 सितंबर 2023 को छात्रा के पिता ने टीचर के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया।
कोर्ट ने 73 हजार रुपए का जुर्माना लगाया
पुलिस ने जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए ट्रायल शुरू किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट की जज शिल्पा समीर ने सरकारी शिक्षक को दोषी माना। कोर्ट ने टीचर को 5 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 73 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।






