पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने रविवार सायं जिला परिषद सभागार में गौशाला प्रबंधकों एवं संचालकों की समीक्षा बैठक ली।बैठक में राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी,जिला कलक्टर अरुण कुमार हसीजा,जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी बृजमोहन बैरवा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं जिले की विभिन्न गौशालाओं के संचालक उपस्थित रहे।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक शक्ति सिंह ने बताया कि बैठक के दौरान गौशाला प्रबंधकों एवं संचालकों द्वारा गौशालाओं के संचालन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं,आवश्यकताओं एवं मांगों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया।पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए उनके शीघ्र समाधान हेतु सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।उन्होंने गौशालाओं में गोबर,गोमूत्र एवं अन्य उप-उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) के माध्यम से आयवर्धन पर जोर देते हुए आत्मनिर्भर मॉडल अपनाने का आह्वान किया।साथ ही उन्होंने गौवंश की नस्ल सुधार एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए सेक्स-सॉर्टेड सीमन के अधिकाधिक उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।उन्होंने गौशालाओं के लिए भूमि आवंटन से जुड़े विषयों पर शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में ठोस निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
पशुपालन मंत्री ने मंगला पशु बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत एक जन आधार कार्ड पर दो पशुओं का निशुल्क बीमा किया जा रहा है तथा प्रत्येक पशु के लिए अधिकतम 40 हजार रुपये तक का बीमा कवर उपलब्ध है।उन्होंने गौशाला संचालकों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा पशुपालकों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
बैठक में विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार गौवंश संरक्षण एवं पशुपालन क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।





