वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ‘‘रामाश्रय’’ बुजुर्गों के लिए सचमुच वरदान साबित हो रही है।जिला मुख्यालय स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) राजकीय अस्पताल में संचालित यह विशेष वार्ड वृद्धजनों को समर्पित है,जहां 60 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों को समुचित उपचार एवं देखभाल प्रदान की जा रही है।
केस-1
भोजास गांव के 70 वर्षीय मघाराम को सांस लेने में तकलीफ होने पर 1 फरवरी को परिजन जेएलएन अस्पताल लेकर आए।विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा जांच के बाद उन्हें रामाश्रय वार्ड में भर्ती किया गया, जहां नर्सिंग ऑफिसर द्वारा चिकित्सकीय परामर्श एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपचार किया जा रहा है।मघाराम ने बताया कि बुजुर्गों के लिए अलग से ऐसा वार्ड सरकारी अस्पताल में शुरू होना सराहनीय कदम है,जिसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का आभार जताया।

केस-2
छाबटा गांव के 62 वर्षीय किसान लिखमाराम,जो दमा रोग से पीड़ित हैं, को 29 जनवरी 2026 को जेएलएन अस्पताल लाया गया।विशेषज्ञ चिकित्सक की जांच के पश्चात उन्हें रामाश्रय वार्ड में भर्ती किया गया।यहां आवश्यक दवाइयों एवं सतत निगरानी से उन्हें राहत मिली है।लिखमाराम ने वार्ड में उपलब्ध चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं को अत्यंत संतोषजनक बताया।
यह केवल महज उदाहरण हैं।वर्तमान में मघाराम व लिखमाराम सहित आठ वृद्धजनों का उपचार इस 10 बेड वाले विशेष वार्ड में किया जा रहा है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जुगल किशोर सैनी के निर्देशन में संचालित रामाश्रय वार्ड के प्रभारी डॉ. सहदेव चौधरी ने बताया कि अप्रैल 2025 से अब तक यहां 613 वरिष्ठ नागरिकों का उपचार किया जा चुका है, जिनमें 472 पुरुष एवं 240 महिलाएं शामिल हैं।हाल ही में एनसीडी कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी एवं उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के.सारण ने वार्ड का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान एपिडेमोलॉजिस्ट साकिर खान एवं एफसीएलओ सादिक त्यागी भी उपस्थित रहे।






