सीकर में साइबर ठगों ने खुद को मुंबई एटीएस का इंस्पेक्टर बताकर एक सरकारी कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसा लिया और उससे 28.50 लाख रुपए ठग लिए। आरोपी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में सजा होने का डर दिखाकर पीड़ित को घंटों ऑनलाइन निगरानी में रखा और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और ठगी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
मुंबई एटीएस के नाम से आया था वीडियो कॉल
वेटरनरी हॉस्पिटल में जाचास निवासी पीड़ित कर्मचारी रामनिवास ने मुकदमा दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि उनके पास 24 दिसंबर 2025 को व्हाट्सएप पर अनजान नंबरों से वॉइस कॉल और वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एटीएस में इंस्पेक्टर होना बताया।
आरोपी ने बैंक अकाउंट की डिटेल लेकर की ठगी
आरोपी ने वीडियो कॉल के दौरान कहा कि उसके बैंक अकाउंट में फ्रॉड के पैसों का लेनदेन हुआ है। इसलिए अब उसे सजा होगी। इसके बाद आरोपी ने रामनिवास से उसके बैंक अकाउंट संबंधी डिटेल मांगी और फिर उससे 28.50 लाख रुपए ठग लिए।
घटना के बाद रामनिवास ने 1930 टोल फ्री नंबरों पर कॉल किया। कॉल करने के बाद उनकी शिकायत दर्ज हुई। फिर यह शिकायत साइबर पुलिस थाने में जीरो नंबरी FIR से ट्रांसफर हुई। इस पर साइबर पुलिस थाने ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में जुटी
मामले के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर मुकेश कुमार का कहना है कि फिलहाल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन नंबरों से व्हाट्सएप पर वॉइस और वीडियो कॉल आया उनके आधार पर अब मामले में जांच की जा रही है।






