उदयपुर जिला पुलिस ने तकनीक का दुरुपयोग कर विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह को बेनकाब किया है। जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशन में गोगुन्दा थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक होटल में चल रहे अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा। इस दौरान एक युवती सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो राजस्थान के साथ-साथ गुजरात, नागालैंड, मेघालय और असम के निवासी हैं।
एसपी गोयल ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गोगुन्दा थाना क्षेत्र के न्यू मेवाड़ काठियावाड़ी होटल कुमावतों का गुड़ा में सनसेट एडवेंचर नामक कंपनी के नाम पर कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियां चला रहे हैं। ये लोग इंटरनेट कॉल और मैसेज के जरिए अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहे थे। सूचना की तस्दीक होने पर पुलिस टीम ने रात के अंधेरे में होटल पर दबिश दी, जहाँ बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ ठगी का खेल चल रहा था।
जांच में सामने आया कि गिरोह का मुख्य सरगना शाहरुख मंसूरी निवासी अहमदाबाद है। ये लोग अमेरिकी नागरिकों की निजी जानकारी जैसे मोबाइल नंबर और नाम हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे खुद को एप्पल कंपनी का कर्मचारी बताकर उन्हें कॉल करते थे। ग्राहकों को बताया जाता था कि उनके द्वारा खरीदे गए प्रोडक्ट्स पर अतिरिक्त चार्ज लग गया है।
इसके बाद अतिरिक्त चार्ज का रिफंड दिलाने के नाम पर उन्हें एक फर्जी लिंक भेजा जाता था और बदले में डॉलर में राशि ऐंठ ली जाती थी। आरोपी ViciDial जैसे ऐप और टीएफएन नंबर का उपयोग कर विदेशी नागरिकों से संपर्क करते थे ताकि उनकी पहचान छुपी रहे।
पुलिस ने मौके से 04 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, 02 वाहन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज और दस्तावेज बरामद किए है। गिरफ्तार 12 आरोपियों में मुख्य सरगना शाहरुख मंसूरी के अलावा गुजरात के चेतन सिंह, जालोर के करण कुमार, मिलन और प्रवीण कुमार शामिल हैं। गिरोह का विस्तार पूर्वोत्तर राज्यों तक था, जिसमें नागालैंड से आलोक अचुमि, मेघालय से जुसवा, दीपक थापा, शेमलाद, सुरेश, युवती अनुशा और असम से रोमियो स्टेन को गिरफ्तार किया गया है।
इस पूरी कार्रवाई को गोगुन्दा थानाधिकारी श्याम सिंह, उप-निरीक्षक हितेश कुमार और डीएसटी प्रभारी विक्रम सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने विदेशी नागरिकों से कितने लाख डॉलर की ठगी की है और इनके पास डेटा कहाँ से आता था।





