नई दिल्लीः लोकसभा में मंगलवार को तीन नए बिल पेश किए गए. गृह मंत्री अमित शाह ने तीनों बिल संसद में पेश किए. सीआरपीसी और आईपीसी की जगह तीन बिल पेश किए गए. इसके बाद आज अमित शाह ने CRPC संशोधन बिल पर जवाब देते हुए कहा कि 200 साल पुराने 3 कानूनों में परिवर्तन लाए है. कुछ सुझाव बदलाव के लिए हैं. मोदी जी गुलामी की मानसिकता को खत्म करने में लगे हैं.
तीनों कानून अंग्रेजों के जमाने के थे. न्याय संहिता 2023 अमल में आएगी. पुराने कानून दमन के लिए बनाए गए थे. विदेशी शासकों ने कानून बनाए थे. पुराने कानूनों में दंड को ही न्याय माना गया है. हमने व्यक्ति से पहले देश को रखा है. कांग्रेस को नए कानून समझ में नहीं आएंगे. मॉब लिंचिंग के लिए फांसी की सजा. गुलामी की मानसिकता से मुक्त होने का समय आ गया है.
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अमित शाह ने बोला हमने महिला आरक्षण बिल कानून बनाया है. हमने घोषणा पत्र पर पूरा अमल किया मोदी सरकार जो कहती है वो पूरा करती है
अब कोर्ट को पीड़ित को सुनना पड़ेगा. हमने तीन तलाक को खत्म किया. बिल में दंड पर नहीं,न्याय पर जोर दिया. हमने कहा था राम मंदिर बनवाएंगे. हमने धारा 370 को हटाने का वादा भी पूरा किया है.






