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राजस्थान सरकार की माली हालत की उजली और धुंधली तस्वीर ! देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान की माली हालत को लेकर एक अच्छी और एक बुरी खबर है. राज्य की माली हालत के मद्देनजर केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट्स के बेहतर क्रियान्वयन के लिए 4396 करोड़ से ज्यादा की राशि की अतिरिक्त किस्त जारी की है. उधर राज्य की माली हालत के मद्देनजर भजनलाल सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए निविदा जारी नहीं हो सकने वाले,निविदा के बावजूद वर्क ऑर्डर जारी नहीं होने वाले और वर्क आर्डर जारी होने पर भी काम शुरू नहीं होने वाले प्रोजेक्ट्स पर रोक लगा दी है. वित्त विभाग ACS अखिल अरोड़ा ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं.

प्रदेश की माली हालत को लेकर कुछ उजली और कुछ धुंधली तस्वीर बयां हो रही है. उजली तस्वीर के तहत भजनलाल सरकार को केंद्र की ओर से पहली बार 4396 करोड़ से ज्यादा की राशि की अतिरिक्त किस्त जारी की गई है. खराब माली हालत के बीच राजस्थान को केंद्र की ओर से बड़ा संबल दिया गया है. इससे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं को गति मिलने के आसार हैं.कुल मिलाकर 4396.64 करोड़ की अतिरिक्त किस्त जारी की गई है. हालांकि 28 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 72961.21 करोड़ की किश्त जारी की गई है. साथ ही राजस्थान से ज्यादा 5 राज्यों को राशि जारी हुई है. इनमें सबसे ज्यादा यूपी को 13088.51 करोड़ की किश्त जारी हुई है. वहीं बिहार को 7388 करोड़ की मध्यप्रदेश को 5727 करोड़ की, पश्चिम बंगाल को 5488 करोड़ की और महाराष्ट्र को 4608 करोड़ से ज्यादा की किश्त जारी हुई है. इसके बावजूद खराब माली हालत से जूझ रहे राजस्थान को सरकार की शुरुआत में ही अतिरिक्त राशि  जारी होना बड़ा संबल देगा.

भजनलाल सरकार का फैसला:
-ACS अखिल अरोरा ने निर्देश दिए.
-जिन कार्यों के टेंडर अभी आमंत्रित नहीं किए गए हैं उन्हें अगले निर्देशों तक उन्हें आमंत्रित नहीं करने के निर्देश.
-जिन कार्यों के टेंडर आमंत्रित हुए और नहीं हुए वर्क आर्डर तो वर्क आर्डर अगले निर्देशों तक रोकने के निर्देश.
-जो काम वर्क आर्डर के बाद भी शुरू नहीं हुए हैं उन्हें भी अगले निर्देशों तक शुरू नहीं करने के निर्देश.
-सामग्री या सेवा के उपापन की स्थिति में कार्यदेश स्थगित या लंबित रखने के निर्देश.

अब पुराने प्रोजेक्ट्स में भी जिनमें प्रशासनिक / वित्तीय स्वीकृति जारी हो गईं हों.ऐसी स्वीकृतियां संबंधित विभाग के मंत्री भविष्य में सीएम के संज्ञान में लाना होगा और सक्षम स्वीकृति मिलने पर ही प्रक्रिया लगातार जारी रह सकेगी.

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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