कोटाः कोटा थर्मल की एक और यूनिट बंद हुई. लीकेज की समस्या के चलते पहले से ही थर्मल की यूनिट 3 बंद पड़ी है. अब यूनिट 6 के टर्बाइन में तकनीकी समस्या आ गई. 7 में से केवल 5 यूनिट अब करीब 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रही ळे, जबकि कोटा थर्मल की 1210 मेगावाट तक बिजली उत्पादन की कुल क्षमता हैं.
कोटा थर्मल में कार्मिकों की छोटी सी लापरवाही और सरकार को सीधे 25 लाख का फटका लगा है ! आपको बता दें कि थर्मल की किसी एक बंद यूनिट को चालू करने में 25 लाख का खर्च आता हैं. आलम ये कि कोटा थर्मल में जब-तब विद्दुत उत्पादन यूनिट्स बंद होती रहती हैं.
आज भी लीकेज और टर्बाइन समस्या बताकर थर्मल की 2 यूनिट्स बंद की गई. यूनिट बंद होने से बिजली उत्पादन प्रभावित होता हैं वहीं नुकसान अलग है. बड़ा सवाल यहीं कि यूनिट बंद होने के कारणों और जिम्मेदारों की पड़ताल क्यों नहीं होती ?





