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सब इंस्पेक्टर की गुहार, बेटे को बचा लो, हृदयांश के लिए आगे आए पुलिसकर्मी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर के बेटे को दुर्लभ बीमारी से बचाने के लिए पूरा पुलिस परिवार एकजुट हो गया है. DGP की अपील के बाद बड़ी संख्या में पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी आर्थिक सहयोग कर रहे हैं. धौलपुर जिले के मनियां थाने के प्रभारी सब इंस्पेक्टर नरेश शर्मा के 20 माह के बेटे को दुर्लभ बीमारी है. बीमारी भी ऐसी जिसका इलाज 17.5 करोड रुपए के इंजेक्शन से ही संभव है. पैसों का इंतजाम भी सिर्फ दो माह में ही करना है. अगर वह अपना सब कुछ भी बेच दे तो भी पैसों का इंतजाम मुश्किल है, ऐसे में बेटे की जान बचाने के लिए सब इंस्पेक्टर को दर-दर की ठोकरे रहे खानी पड़ रही हैं.

धौलपुर के लोगों को जब इस गंभीर बीमारी का पता चला तो सोशल मीडिया पर एक मुहिम शुरू हो गई है, जिस मुहिम का नाम है “सपोर्ट हृदयांश” 20 माह के हृदयांश को जेनेटिक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी है जिंदगी बचाने के लिए दुनिया के सबसे महंगे 17.50 करोड़ रुपए के एक इंजेक्शन की जरूरत है. ऐसे में माता-पिता क्राउड फंडिंग व सरकार की मदद के लिए हाथ पसारने को मजबूर हैं. धौलपुर जिले में मनियां थाने पर तैनात एसएचओ नरेश शर्मा का कहना है कि उनके एक बेटी साढ़े छह साल की है पत्नी क्षमा कुम्भज ने 3 अगस्त 2022 को बेटे हृदयांश को जन्म दिया तो घर में इकलौते बेटे हृदयांश के पैदा होने पर सभी ने खुशियां मनाईं. आमतौर पर बच्चे 6 माह बाद बैठने और घुटनों के बल चलने लग जाते हैं 20 माह का होने के बाद हृदयांश बैठने तो लग गया लेकिन चल नहीं पाया.

बेटे के ना चलने पर माता-पिता की चिंताएं बढ़ गई और उसे इलाज के लिए डॉक्टरों को दिखाया गया. जहां इलाज के दौरान जयपुर में डॉक्टर कमजोरी बताकर इलाज करते रहे फिर जब कोई फायदा नहीं हुआ तो मासूम की फोर्टिस हॉस्पिटल में जांच कराई जिस जांच में पता चला कि उसे जन्मजात जेनेटिक बीमारी है. इस वजह से उसके पैरों में बिल्कुल जान नहीं है और वह न खड़ा हो सकता है और न चल सकेगा जेनेटिक स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी बीमारी से पीड़ित हृदयांश को इलाज के लिए दुनिया की सबसे महंगे इंजेक्शन “लिएजोलगेनेस्मा” की जरूरत है जिसे अमेरिका से मंगवाने के लिए करीब 17.5 करोड़ रुपए की जरूरत है.

बच्चे की आर्थिक मदद के लिए भरतपुर रेंज IG राहुल प्रकाश ने DGP को सरकारी मदद के लिए पत्र भेजा था, इसके बाद DGP यूआर साहू ने सभी SP को मार्मिक संदेश जारी कर सब इंस्पेक्टर के बच्चे की आर्थिक मदद करने और करवाने की अपील की थी. पुलिस में अब इस अपील लॉ व्यापक असर देखा जा रहा है. जैसलमेर के SP सुधीर चौधरी ने अपनए वेतन से 50 हजार रुपए कटवाने की सहमति दी है , इसी तरह धौलपुर और राजसमंद SP और उनकी टीम ने भी वेतन कटवाने की सहमति दी है,, और भी कई ज़िलों में बच्चे के इलाज के लिए पुलिसकर्मी बढ़चढ़ कर आर्थिक सहयोग कर रहे हैं,पुलिस मुख्यालय के स्तर पर सरकार से आर्थिक सहयोग के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं. सब इंस्पेक्टर के बच्चे को दुर्लभ बीमारी से बचाने के लिए पुलिस बेड़े की एकजुटता क़ाबिले तारीफ़ है, लेकिन इलाज का जो खर्चा है वह इतना अधिक हैं कि सिर्फ़ पुलिस की मदद से संभव नहीं हो सकता, अब देखना होगा कि सरकार के स्तर पर सब इंस्पेक्टर की कोई मदद होती है या नहीं.

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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