सड़क पर गिरे बिजली के तार के करंट से दो बच्चों की मौत हो गई। बच्चों के चिल्लाने पर आसपास के लोग बचाने पहुंचे, लेकिन करंट के कारण कुछ नहीं कर पाए। घटना उदयपुर जिले में जंगल-पहाड़ियों के बीच बसे ढढावली गांव की है।
झाड़ोल थानाधिकारी रतन सिंह ने बताया- ढढावली निवासी कमलेश वडेरा (14) और महेंद्र वडेरा (13) ढढावली सी. सै. स्कूल में पढ़ते थे। महेंद्र पांचवीं और कमलेश सातवीं कक्षा का छात्र था। दोनों गुरुवार शाम करीब 7 बजे खेत से घर जा रहे थे। रास्ते में खंभे से टूट कर गिरा बिजली का तार सड़क पर पड़ा था। दोनों बच्चों ने गलती से तार को छू लिया और करंट लगने से मौत हो गई। दोनों के चिल्लाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवा कर दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। महेंद्र के पिता नहीं हैं। कमलेश के पिता मजदूरी करते हैं।
15 दिन पहले टूटा था तार
ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह झाड़ोल एसडीएम मणिलाल तिरगर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही से दो मासूमों की मौत होने का आरोप लगाया है। ग्रामीण रमेश बडेरा ने बताया कि 15 दिन पहले बिजली का तार टूट कर सड़क पर गिर गया था, जिससे सड़क किनारे एक खेत में पड़ा सूखा चारा जलकर राख हो गया।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी थी। इसके बावजूद लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों ने कोई सुध नहीं ली। अगर समय पर तार दुरुस्त कर दिया जाता तो आज दोनों बच्चों की जान बच जाती। ग्रामीणों ने लापरवाह विद्युत विभाग के कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग की। एसडीएम ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई और 5-5 लाख रुपए देने का आश्वासन दिया, तब शव उठाया।
खेलते समय बच्चों ने तार पर रस्सी डाली: SE
बिजली विभाग उदयपुर के अधीक्षण अभियंता (SE) भवानीशंकर शर्मा ने बताया- पहले से तार टूटने की घटना गलत है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों बच्चे खेल रहे थे। खेलते समय जीआई वायर पर कोई रस्सी या तार जैसी चीज फेंकी थी, जिसे दूसरे छोर से दोनों ने पकड़ा हुआ था। यह तार/रस्सी 11KV की लाइन से टच हो गया। ऐसे में दोनों बच्चों को करंट लग गया। घटना स्थल पर एक्सईएन और एईएन मौजूद हैं। बाकी जो भी रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई करेंगे।






