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होटल इंडाना पैलेस पर गंभीर आरोप ! संचालक पर अवैध रूप से नया पक्का निर्माण करने का आरोप

जयपुर: दिल्ली रोड स्थित होटल इंडाना पैलेस पर जल्द ही वन विभाग की गाज गिर सकती है. आरोप है कि होटल नाहरगढ़ वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से महज 95 मीटर दूर है और इको सेंसिटिव जोन में आ रही है. ऐसे में वन विभाग होटल पर जल्द ही कार्रवाई कर सकता है. दूसरी ओर नाहरगढ़ वन एवं वन्य जीव सुरक्षा एवं सेवा समिति पूरे मामले आमेर तहसीलदार से होटल का भू उपयोग परिवर्तन निरस्त कर स्ट्रक्चर को ध्वस्त करने के लिए पत्र लिया है. समिति पूरे प्रकरण को एनजीटी में भी ले जाने का फैसला कर चुकी है.

आमेर तहसील आमेर रेंज नाहरगढ़ नाका चिमनपुरा में स्थित होटल इण्डाना पैलेस, नाहरगढ़ वन्य जीव अभ्यारण्य से मात्र 95 मीटर की दूरी पर स्थित है साथ ही ईको सेंसिटिव जोन में आ रहा है. इसलिए व्यवसायिक प्रतिष्ठान का नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड से क्लीयरेंस करवाना जरूरी है. आरोप है कि होटल संचालक द्वारा वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस नहीं करवाया गया है जो कि स्पष्ट रूप से ईआईए के नोटिफिकेशन के उल्लंघन की श्रेणी में आता है. यही नहीं होटल परिसर में स्वीमिंग पूल भी है और कई पानी के बोरवेल लगवाये हुए है, प्राकृतिक जल का व्यवसायिक उद्देश्य के लिए दोहन किया जा रहा है. जो कि वाटर पॉल्यूशन एक्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल प्रिंसिपल बेंच नई दिल्ली के आदेश का उल्लंघन है.

यही नहीं होटल संचालक द्वारा नाहरगढ़ अभ्यारण्य क्षेत्र में अपनी होटल परिसर के अन्दर मैरिज पार्टी, कॉकटेल पार्टी, बर्थडे पार्टी एवं अन्य प्रकार के भव्य आयोजन करवाता है तथा रात्रि में तेज ध्वनि वाले लाइट एण्ड साउण्ड शो का इस्तेमाल किया जाता है. जिससे अभ्यारण्य में विचरण करने वाले वन्यजीवों व पक्षियों के स्वास्थ्य एवं उनके विचरण में बाधाएं उत्पन्न हो रही है. नाहरगढ़ वन एवं वन्य जीव सुरक्षा एवं सेवा समिति के राजेंद्र तिवाड़ी का कहना है कि अभ्यारण्य में होने वाली इन गतिविधियों को रोका जाए. उन्होंने विधि व अधिनियम विरूद्ध भू-परिवर्तन को निरस्त करने के लिए CEC, NTCA, नेशनल वाइल्डलाइफ बोर्ड, चीफ सेक्रेटरी, ACS फॉरेस्ट हॉफ को शिकायत भेजी है और आमेर तहसीलदार से मांग की है कि होटल को ध्वस्त करने और और भू रूपांतरण निरस्त किया जाए.
नाहरगढ़ वन एवं वन्य जीव सुरक्षा एवं सेवा समिति के राजेंद्र तिवाड़ी का आरोप है कि होटल इंडाना पैलेस नाहरगढ़ अभयारण्य की आरक्षित वन भूमि की सीमा से मात्र 95 मीटर की दूरी पर स्थित है. होटल संचालक द्वारा निर्माण के समय भारी मात्रा में हरे-भरे पेड़ों का कटान किया गया, साथ ही होटल निर्माण के समय अभ्यारण्य क्षेत्र में भारी मात्रा में प्रदूषण फैला तथा होटल संचालक द्वारा अपना वेस्ट मैटेरियल व गन्दा पानी वन भूमि में छोडा जा रहा है. जिससे पानी व वेस्ट मैटेरियल वन्यजीव खा-पी रहे है. जिससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. लिहाजा होटल संचालक के विरुद्ध नाहरगढ़ ईएसजेड अधिसूचना के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई किया जाना जरूरी है.

नाहरगढ़ इको सेंसिटिव जोन में संचालित होटल इंडाना को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं. आमेर तहसीलदार और वन विभाग के अधिकारी जल्द ही पूरे मामले में नोटिस जारी कर कार्रवाई कर सकते हैं.

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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