राजस्थान के सबसे बड़े हॉस्पिटल सवाई मानसिंह में इन दिनों ब्लड की कमी से झूझ रहा है। बारिश के सीजन में ब्लड डोनेशन कैंप कम लगने और डिमांड ज्यादा होने के कारण सवाई मानसिंह के साथ दूसरी हॉस्पिटल जनाना, महिला चिकित्सालय, जेके लोन में भी ब्लड की कमी हो गई। इसे देखते हुए हॉस्पिटल प्रशासन ने सामाजिक संस्थाओं और जनसेवकों से ज्यादा से ज्यादा ब्लड डोनेट करने की अपील की है।
एसएमएस हॉस्पिटल के प्रवक्ता और सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर मनीष अग्रवाल ने इन दिनों सबसे ज्यादा कमी A, AB पॉजिटिव खून की है। इस ग्रुप के बड़ी संख्या में मरीज भर्ती है, जिनको ब्लड की आवश्यकता है। इसके साथ ही बारिश के मौसम में अब डेंगू-मलेरिया के केस भी बढ़ने लगे है।
इन मौसमी बीमारियों में ब्लड की डिमांड सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा हो जाती है। अभी एसएमएस हॉस्पिटल में ही थैलेसीमिया, पीपीएच, एपीएच, आरटीए समेत अन्य मरीज भर्ती है, जिनको हॉस्पिटल प्रशासन ब्लड उपलब्ध करवा रहा है।
दानदातओं से ज्यादा से ज्यादा ब्लड डोनेशन की अपील
हॉस्पिटल प्रशासन ने एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैस सभी हॉस्पिटल जैसे सवाई मानसिंह, जेके लोन, जनाना चांदपोल, महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट, कावंटिया, ट्रोमा सेंटर, स्टेट कैंसर संस्थान में ब्लड डोनेशन के लिए दानदाताओं से अपील की है। इसके साथ ही सामाजिक संस्थाओं, जनसेवकों से भी ज्यादा से ज्यादा ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करवाने के लिए कहा है।
नवंबर तक ज्यादा रहेगी मांग
डॉक्टरों ने बताया कि सितंबर से नवंबर सीजन तक खून की डिमांड सबसे ज्यादा रहेगी। क्योंकि इस दौरान डेंगू के केस सबसे ज्यादा आते है। बारिश का सीजन थमने के साथ ही डेंगू-मलेरिया के केस बढ़ने शुरू हो जाएंगे, जिससे यहां भर्ती मरीजों में ब्लड के साथ एसडीपी की भी डिमांड बढ़ जाएगी।





