Jaipur: PWD के XEN से 10 लाख रुपए रिश्वत लेते-देते गिरफ्तार PWD चीफ इंजीनियर-बिल्डिंग सुबोध कुमार मलिक रिश्वत की राशि अपने बेटे की फाइनेंस कंपनी में निवेश करते थे। ACB मलिक के द्वारा की गई अर्जित आय व निवेश की प्रारंभिक जांच में सामने आया है। मलिक के बेटे की अजमेर रोड स्थित एक मॉल में फाइनेंस कंपनी है।
एसीबी ने 6 सितंबर काे कार्रवाई के दिन ही मलिक के बेटे के श्याम नगर स्थित फ्लैट काे सील कर दिया था। मलिक के निर्माण नगर अजमेर रोड जयपुर घर से मिले दस्तावेजों की जांच में निवेश के दस्तावेज मिले थे। इसके बाद से अब तक दस्तावेजों की जांच ही की जा रही है।
ट्रैप हुए अधिकारियों से आमने-सामने बैठा कर होगी पूछताछ
एसीबी ने रिश्वत मामले में पूछताछ के लिए पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर-बिल्डिंग सुबोध कुमार मलिक, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी डूंगरपुर जितेन्द्र कुमार जैन, एईएन एनएच पीडब्ल्यूडी बांसवाड़ा अनंत कुमार गुप्ता को 5 दिन के रिमांड पर लिया है। ACB तीनों आरोपियों को आमने-सामने बैठा कर पूछताछ करेगी। एसीबी डूंगरपुर व बांसवाड़ा में IIT बिल्डिंग बनाने वाले ठेकेदार काे भी बुलाकर पूछताछ करेगी। इसके लिए ठेकेदार काे नोटिस दिए जाने वाले हैं। इसके साथ ही एसीबी ने डूंगरपुर-बांसवाड़ा में पीडब्ल्यूडी के 5 जिम्मेदार अधिकारियों को भी नोटिस जारी कर दिए हैं।

1 करोड़ के गलत भुगतान के बदले मांगे 40 लाख
बांसवाड़ा व डूंगरपुर में 5 करोड़ रुपए की लागत से आईटीआई बनी थी। इसके निर्माण व मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी एक्सईएन पीडब्ल्यूडी डूंगरपुर जितेन्द्र कुमार जैन के पास थी। जैन ने 5 करोड़ रूपए की जगह 6 करोड़ रुपए से अधिक की लागत दिखाते हुए 1 करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान कर दिया। इसकी जांच पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर-बिल्डिंग सुबोध कुमार मलिक के द्वारा की गई। जांच में 1 करोड़ रूपए से अधिक का घोटाला सामने आया। तब मलिक ने जैन काे चार्जशीट देने की तैयारी कर ली। इसके बाद 40 लाख रुपए मांगे गए। एईएन एनएच पीडब्ल्यूडी बांसवाड़ा अनंत कुमार गुप्ता ने बिचौलिया बनकर 10 लाख रुपए में चार्ज शीट देने से रोकने पर मलिक काे तैयार किया। जिस का पैसा देने के लिए दोनों अधिकारी जयपुर आए थे।
यह है पूरा मामला
एसीबी ने 6 सितंबर काे पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर-बिल्डिंग सुबोध कुमार मलिक, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी डूंगरपुर जितेन्द्र कुमार जैन, एईएन एनएच पीडब्ल्यूडी बांसवाड़ा अनंत कुमार गुप्ता 10 लाख रूपए की रिश्वत लेते-देते पकड़ा था। यह रिश्वत विभागीय नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने की एवज में मुख्य अभियंता मलिक ने एक्सईएन जैन से ली। मुख्य अभियंता ने एक्सईएन और एईएन काे बांसवाड़ा से जयपुर बुलाकर अपने घर पर रिश्वत ली। ट्रैप की कार्रवाई मोबाइल सर्विलांस से मिली सूचना के आधार पर की






