बीकानेर में तीन दिवसीय इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल में पहले दिन हेरिटेज वॉक निकाली गई। हेरिटेज वॉक शुक्रवार सुबह 8 बजे लक्ष्मीनाथ मंदिर से निकलनी थी लेकिन करीब तीन घंटे देरी से यात्रा शुरू हुई। शहर के भीतरी क्षेत्र से निकलते हुए लोक वाद्यों की गूंज रही। नगाड़ा, मश्क, चंग और बांसुरी वादन और भजन गायन की प्रस्तुतियां दी गई। देश-विदेशी सैलानियों भी हेरिटेज वॉक में शामिल हुए।
हेरिटेज वॉक से पहले पगड़ी बांधने की प्रतियोगता हुई, जिसमें वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। लोक कलाकार पवन व्यास दो हजार पच्चीस फीट लंबी पगड़ी बांधकर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया।
भुजिया, घेवर और जलेबी बनाई जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग के संयुक्त आयोजन में हेरिटेज वॉक का काफिला लक्ष्मीनाथ मंदिर से निकला। यहां से आगे बढ़ते हुए लाख की चूड़ी बनाने की कला को दर्शाया जाएगा। सब्जी बाजार की ऐतिहासिक चौकी पर शहर की ऐतिहासिक रम्मत का प्रदर्शन किया गया। यहां भुजिया, घेवर और जलेबी बनाने का लाइव प्रदर्शन किया गया। वॉक में शामिल लोगों ने इनका स्वाद चखा। इस दौरान जूती बनाने की कला का प्रदर्शन किया गया।
गणगौर के गीतों की प्रस्तुति मरूनायक चौक में ब्लॉक और स्क्रीन प्रिंटिंग का प्रदर्शन हुआ। मोहता चौक के बड़े पाटे पर पारम्परिक भोजन बनाने का प्रदर्शन किया।। प्रतिभागियों को कचौड़ी खिलाई गई। भपंग वादन का प्रदर्शन हुआ। मोहता चौक में ही बीकानेर की प्रसिद्ध रबड़ी बनाई गई, जिसका स्वाद भी लोगों ने चखा। यहीं लोक कलाकारों की ओर से गणगौर के गीतों की प्रस्तुति दी गई। कठपुतली के खेल के माध्यम से विभिन्न संदेश दिए गए।
दो हजार पच्चीस फीट लंबी पगड़ी बांधी हेरिटेज वॉक के शुरू होने से पहले पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। लोक कलाकार पवन व्यास ने दो हजार पच्चीस फीट लंबी पगड़ी बांधकर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया। इसके लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकार्ड की टीम ने प्रोविजनल सर्टिफिकेट दिया।








