लद्दाख में शहीद हुए चूरू के जवान की तिरंगा यात्रा शुरू हो गई है। द्रास ग्लेशियर में पेट्रोलिंग के दौरान 19 जनवरी की रात को सालासर के रहने वाले सतीश स्वामी शहीद हो गए थे।
जानकारी के अनुसार उनका पहाड़ी से पैर फिसल गया था। जवान की पार्थिव देह मंगलवार सुबह बीकानेर फ्लाइट से लाई गई थी।इसके बाद सादुलपुर में शहीद स्मारक से दोपहर करीब 12.30 बजे तिरंगा यात्रा की शुरुआत हुई।
यात्रा में जिले भर से लोग पहुंचे हैं और शहीद सतीश अमर रहे के नारे लग रहे हैं। यात्रा करीब 17 किलोमीटर दूर उनके पैतृक गांव ठिमाऊ बड़ी तक निकाली जाएगी।
सतीश स्वामी 5 (GR) गोरखा राइफल रेजिमेंट (फ्रंटियर फोर्स) में नायक की पोस्ट पर थे। ग्रामीणों के अनुसार सतीश (24) की शहादत की अब तक उनकी मां को जानकारी नहीं दी गई है।

5 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे सतीश
शहीद के चचेरे भाई प्रमोद स्वामी ने बताया कि सतीश के पिता बुद्धराज स्वामी उदयपुर सिटी पैलेस में जॉब करते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों से घर पर ही हैं।
मां सुमित्रा देवी गांव में ही आंगनबाड़ी केंद्र पर काम करती हैं। बड़े भाई रविंद्र स्वामी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। दोनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई थी। सतीश करीब 5 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे।
वे फरवरी में छुट्टी पर घर आने वाले थे। पूर्व सैनिक संघ के तहसील अध्यक्ष जगत सिंह ने बताया- सेना के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पेट्रोलिंग के दौरान पहाड़ी से पैर फिसलने के कारण वे शहीद हुए हैं।
शहीद से जुड़ी और तिरंगा यात्रा की PHOTOS…










