Home » राजस्थान » लॉरेंस के इंटरव्यू के मामले में जयपुर में कार्रवाई नहीं:पंजाब में DSP बर्खास्त; दौसा की सिम थी, जूम ऐप का हुआ था यूज

लॉरेंस के इंटरव्यू के मामले में जयपुर में कार्रवाई नहीं:पंजाब में DSP बर्खास्त; दौसा की सिम थी, जूम ऐप का हुआ था यूज

गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई का जयपुर जेल में रहते हुए दो बार में इंटरव्यू किया गया था। एक न्यूज चैनल ने यह इंटरव्यू 4 मार्च 2023 की रात जूम एप पर रिकाॅर्ड किया था।

इंटरव्यू में लॉरेंस जेल की स्पेशल सेल में कैद था, जहां एक बैरक में एक बंदी को ही रखा जाता है। लॉरेंस ने पंजाब जेल में रहते हुए भी इंटरव्यू दिया था।

वहां डीएसपी गुरशेर सिंह संधू को बर्खास्त कर दिया गया तथा 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए थे। खरड़ के सीआईए की हिरासत में लाॅरेंस ने जूम ऐप पर 3 और 4 सितंबर 2022 को एक चैनल को इंटरव्यू दिया था।

पंजाब में इस मामले की जांच और विभागीय कार्रवाई हाईकोर्ट की फटकार के बाद हुई। लॉरेंस के दूसरे इंटरव्यू को लेकर जयपुर के लालकोठी थाने में एफआईआर दर्ज है, लेकिन इसमें कार्रवाई नहीं हुई।

बठिंडा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए थे

लाॅरेंस को जयपुर पुलिस ने 15 फरवरी 2023 को बठिंडा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लिया था। उस पर जवाहर सर्किल के पास जी-क्लब पर फायरिंग कराने का आरोप है।

जयपुर पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे 2 मार्च 2023 को सेंट्रल जेल में दाखिल कराया था। 4 मार्च की रात 11 बजे न्यूज चैनल ने इंटरव्यू किया। दूसरी रिकाॅर्डिंग रात 12 बजे बाद हुई।

लॉरेंस जयपुर जेल में 7 मार्च तक रहा। उसे स्पेशल सेल में रखा गया, जहां आतंकियों व अन्य कुख्यात बंदियों को रखा जाता है। निगरानी में सैनिक कोटे से भर्ती प्रहरी थे।

लॉरेंस ने मोबाइल में जिस सिम का उपयोग किया था वह दौसा के राजू के नाम से जारी हुई थी। मोबाइल के आईएमईआई नंबर पर यह तलाशा जाएगा कि इस मोबाइल पर किस-किस नंबर की सिम चलाई गई? इस मोबाइल और सिम का उपयोग जेल से बाहर कब-कब हुआ?

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर एफआईआर

लॉरेंस के इंटरव्यू मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर एफआईआर हुई थी। पंजाब पुलिस ने पहली एफआईआर 21 दिसंबर, 23 तथा दूसरी 6 जनवरी, 24 को दर्ज की। दूसरी एफआईआर जयपुर पुलिस को स्थानांतरित की गई, जो 27 सितंबर 2024 को दर्ज की गई।

सेल में मोबाइल कैसे पहुंचा?

जयपुर जेल की स्पेशल सेल में लॉरेंस विश्नोई तक मोबाइल पहुंचाने में बड़ी साजिश हुई है, पुलिस भी इसे मानती है। रिकाॅर्ड के मुताबिक न तो लॉरेंस सेल से बाहर आया था और न ही उससे मिलने कोई विजिटर आया था। फिर उसके पास मोबाइल कैसे पहुंचा? लॉरेंस के जेल में आने और जाने के दौरान तलाशी में कुछ न मिलना संदेहास्पद है।

इंटरव्यू में बोला था लॉरेंस- सेल में मोबाइल भी आता है और सिग्नल भी

जयपुर सेंट्रल जेल में दिए इंटरव्यू में लाॅरेंस विश्नोई बोला था- मुझे बैरक से बाहर नहीं जाने दिया जाता, लेकिन मोबाइल भी मेरे पास आ जाता है और सिग्नल भी। रात के समय जेल के गार्ड बहुत कम आते-जाते हैं, इसीलिए मैं रात को कॉल कर लेता हूं। लॉरेंस विश्नोई ने जेल में उसकी सेल तक मोबाइल अंदर आने के बारे में बताया था।

जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ से सवाल सवाल:- इंटरव्यू समय लॉरेंस किसकी हिरासत में था? जवाबः- हां, उस दौरान लारेंस जयपुर जेल में था।

सवाल:- किस वक्त न्यूज चैनल वाले उसके सम्पर्क में आए? जवाबः- टेक्निकल रिपोर्ट के मुताबिक इंटरव्यू 4 मार्च की आधी रात को लिया गया।

सवाल:- सितंबर में FIR दर्ज की, जांच अब कहां पहुंची? जवाबः- मोबाइल और सिम का पता लगा लिया है। सिम जारी कराने वाले की जल्द पहचान होगी।

तत्कालीन जेल अधीक्षक संजय यादव से सवाल

सवाल:-आपके अधीक्षक रहते लॉरेंस आपकी जेल में था? जवाबः- अब ध्यान नहीं। जेल में कई बंदी होते हैं।

सवाल:- लाॅरेंस के लिए खास सुरक्षा इंतजाम किए होंगे ना? जवाबः-जब तक कोई विशेष घटना न हो जाए ध्यान नहीं रहता।

सवाल:- पुलिस की ही पड़ताल में उसके जयपुर सेंट्रल जेल में रहने के दौरान इंटरव्यू की बात सामने आई है? जवाबः- मुझे इस बारे में कुछ ध्यान नहीं है। क्या जांच चल रही है, इस बारे मैं कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं हूं।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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