राजस्थान हाईकोर्ट ने ओरेवल स्टेज (OYO) के खिलाफ दर्ज एफआईआर में दण्डात्मक कार्रवाई करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने यह रोक कंपनी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई।
जयपुर के समस्कारा रिसोर्ट ने अशोक नगर थाने में दर्ज एफआईआर में ओयो पर रिसोर्ट की फर्जी बुकिंग दिखाकर अपनी कमाई बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का आरोप लगाया गया था। इससे रिसोर्ट संचालक के खिलाफ जीएसटी विभाग ने 2.66 करोड़ की टैक्स की रिकवरी निकाल दी।
एफआईआर में कहा गया कि ओयो ने रिसोर्ट में करीब 22.50 करोड़ की बोगस बुकिंग दिखाई। इसी तरह से प्रदेश के कई होटल व रिसोर्ट में भी कंपनी ने अपनी वैल्थ को बढ़ा चढ़ाकर दिखाने के लिए फर्जी बुकिंग दिखाई। इसके चलते इनके संचालकों को जीएसटी विभाग की ओऱ से टैक्स रिकवरी के नोटिस मिल रहे हैं।
अपील खारिज होने के बाद एफआईआर दर्ज कराई
ओयो की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर औऱ लिपि गर्ग अदालत को बताया कि समस्कारा रिसोर्ट ने जीएसटी विभाग की टैक्स रिकवरी के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इसे हाईकोर्ट ने मार्च में खारिज कर दिया था।
इसके बाद रिसोर्ट संचालकों ने टैक्स दायित्व से बचने के लिए 9 अप्रैल को ओयो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। ओयो केवल कमिश्न पर काम करता है। बुकिंग का सारा पैसा होटल व रिसोर्ट के पास ही जाता है। बुकिंग से होने वाली आय पर टैक्स का दायित्व संबंधित होटल व रिसोर्ट का ही है। टैक्स दायित्व से बचने के लिए ओयो पर बेबुनियाद और गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।
इस पर कोर्ट ने ओयो के खिलाफ दर्ज एफआईआर में किसी भी तरह की दण्डात्मक कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए अन्य पक्षकारों से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।





