जयपुर में 22 जुलाई की शाम ज्वेलरी शॉप से 70 लाख रुपए का सोना लूटने के बाद में आज पुलिस ने खुलासा कर दिया। बगरू थाना पुलिस ने मामले में तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों के कब्जे से अवैध हथियार, दो बाइक और एक कंटेनर मिला है। दो बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि जेल से छूटकर आए थे। जल्द पैसा कमाने के लिए चोरी का प्लान बनाया था। इसके बाद रैकी के बाद देसी बम फोड़कर मार्केट में दहशत फैलाने के साथ गोलियां चलाकर ज्वेलरी शॉप लूट की। फिर कंटेनर में जाकर छुप गए।
डीसीपी (वेस्ट) अमित कुमार ने बताया- लूट मामले में बदमाश कन्हैया लाल शर्मा उर्फ चिकू पंडित (20) पुत्र सुरेश कुमार शर्मा निवासी तारानगर चूरू, सोहेल पठान (20) पुत्र अब्दुल मजीद निवासी नया शहर बीकानेर हाल गुलजारपुरा मोहल्ला उदय मंदिर जोधपुर और प्यारे लाल लुहार (37) पुत्र राधाकिशन निवासी जहाजपुर भीलवाड़ा को गिरफ्तार किया है।
बदमाश कन्हैया लाल शर्मा बगरू रिको एरिया में रहकर आईएमएल कंटेनर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करता है। उसकी कंपनी में प्यारे लाल कंटेनर ड्राइवर है। मामले में फरार साथी कौशल निवासी बगरू की तलाश की जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देसी कट्टा, तीन कारतूस, रैकी, वारदात में यूज दो बाइक, फरारी में यूज कंटेनर और लूटी गई ज्वेलरी बरामद की है।

जल्द पैसा कमाना चाहते थे दोनों
डीसीपी (वेस्ट) अमित कुमार ने बताया- पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कन्हैया लाल शर्मा और फरार आरोपी कौशल आर्म्स एक्ट के केस में जेल गए थे। जयपुर जेल में दोनों की मुलाकात सोहेल पठान से हुई थी। सजा काटने के बाद कन्हैया लाल और कौशल जेल से बाहर आकर बगरू रिको एरिया में रहने लगे। बगरू रिको एरिया में स्थित आईएमएल कंटेनर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में दोनों काम करने लगे। जल्द पैसा कमाने के चलते दोनों दोस्तों ने बैंक या ज्वेलरी शॉप लूट की प्लानिंग बनाई।
प्लान के तहत दोनों ने बगरू स्थित मुथूट फाइनेंस बैंक की रैकी की। इसके साथ ही आस-पास की ज्वेलरी दुकान, बीकानेर की फेमस ज्वेलरी शॉप, तारानगगर चूरू में पीएनबी बैंक के पास ज्वेलर्स की रैकी की।

चकमा देने के लिए यूज की बाइक
रैकी पूरी कर दोनों ने बगरू इलाके स्थित ज्वेलरी शॉप को लूटना तय किया। कन्हैया लाल ने कॉन्टैक्ट कर सोहेल को जोधपुर से जयपुर बुलाया। प्लान बताते हुए बाइक से सोहेल को भी कई बार ज्वेलरी शॉप की रैकी करवाई गई। पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने कंपनी के कंटेनर ड्राइवर प्यारे लाल को शामिल किया।
बदमाशों का प्लान था कि वारदात कर भागने के बाद पुलिस उनकी बाइक को चिह्नित कर पीछा करती रहती। वे बाइक को कंटेनर में छिपाकर आसानी से पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाते। इस कारण उन्होंने प्यारे लाल को शामिल किया। इसका काम उन्हें वारदात स्थल के पास छोड़ना और वारदात करने के बाद सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का था।

10 मिनट में ज्वेलरी शॉप लूटकर भागे
22 अप्रैल की शाम तीनों बदमाश कंटेनर से वारदातस्थल के पास पहुंचे। कंटेनर को खड़ा कर ड्राइवर प्यारे लाल निगरानी रखने लगा। बाइक पर उसके तीनों साथी बगरू के जुगल बाजार में मनमोहन शर्मा की रत्नेश्वरी ज्वेलर्स शॉप को लूटने निकल गए। ज्वेलरी शॉप पर पहुंचते ही तीनों बदमाशों ने देसी कट्टे निकाल लिए। शॉप के बाहर निकलकर देसी बम फोड़े। एक बदमाश हाथ में देसी कट्टा लहराते हुए आस-पास के दुकानदारों को पास में नहीं आने के लिए धमकाने लग गए। मार्केट में दहशत का माहौल फैलाने के बाद ज्वेलरी शॉप के काउंटर के पास आकर शीशे के गेट पर गोली चलाई। इससे शॉप में मौजूद लोग डर गए। शॉप में रखे सोने-चांदी के गहनों को 2 बैग में भरकर तीनों बदमाश बाइक से भाग निकले। वारदातस्थल से कुछ दूरी पर खड़े कंटेनर में छिपकर वहां से फरार हो गए।
ऐसे हुआ खुलासा
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डेटा बेस तैयार करने के साथ रुट मैप बनाया गया। लुटेरों की पहचान के बाद मुखबिर खास की सूचना पर जोधपुर में दबिश देकर सोहेल को पकड़ा गया। गिरफ्तार सोहेल से पूछताछ के बाद दबिश देकर कन्हैया लाल और प्यारे लाल को पकड़ा गया।






