सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम कुमार दक ने कहा कि सहकारिता के महत्व को समझते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने 6 जुलाई 2021 को सहकारिता मंत्रालय का गठन किया। मंत्रालय के गठन के बाद विगत वर्षों में देश-प्रदेश में सहकारिता का महत्व काफी बढ़ा है।
राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबंध संस्थान (राइसेम) में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के चतुर्थ स्थापना दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित हुआ। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सहकारी भूमि विकास बैंकों के ऋणी सदस्यों के लिए एकमुश्त समझौता योजना शुरू की गई है।
इससे प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों को पुनर्जीवित करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि योजना को लेकर उत्साह का माहौल है। अब तक लगभग 250 करोड़ रुपए की रिकवरी की जा चुकी है।
पैक्स गठन करने में राजस्थान दूसरे स्थान पर
उन्होंने बताया कि नवीन पैक्स के गठन के मामले में राज्य देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में 300 पैक्स के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 850 यानि लगभग तीन गुना पैक्स का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि शेष रही सभी ग्राम पंचायतों में 2 वर्ष में नवीन पैक्स गठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन इसे एक वर्ष में ही पूरा करने के प्रयास किए जाएं।
गोदामों का निर्माण कर किराए पर दे सकते हैं
सहकारिता मंत्री ने कहा कि हमें और अधिक प्रयास करते हुए सहकारिता का दायरा बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसके अंतर्गत केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा नई शाखाएं खोलने के साथ ही अकृषि ऋण वितरित करने की शुरुआत की जा सकती है। विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अन्न भण्डारण योजना के तहत अधिक से अधिक गोदामों का निर्माण कर उन्हें किराये पर दिया जा सकता है।
एनसीसीएफ, नैफेड और एफसीआई जैसी संस्थाएं इन गोदामों को किराये पर लेने के लिए तत्पर हैं। इस दौरान सहकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां मंजू राजपाल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।






