जयपुर के एक व्यापारी से 10 करोड़ की डिमांड करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों बदमाश नेत्रपाल सिंह (30) और मान प्रजापति उर्फ मंगलचंद उर्फ मान बॉक्सर (36) गैंगस्टर लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई के लिए रंगदारी मांग रहे थे। मान प्रजापति पांच साल केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की नौकरी कर चुका है। दोनों अनमोल के गुर्गे हरि बॉक्सर के संपर्क में थे।
दरअसल, करीब 10 दिन पहले जयपुर के व्यापारी को धमकी मिली थी। इसकी जानकारी साइबर थाना पुलिस को लगी तो करीब 10 दिन तक इस पर काम किया। डीसीपी क्राइम कुंदन कवरीया के सुपरविजन में साइबर थाना पुलिस ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया। इन बदमाशों के पास से पुलिस ने विदेश में बैठे गैंग के सदस्य हरि बॉक्सर से बात करने के लिए उपयोग में लिए गए दो मोबाइल फोन रिकवर किए हैं।
जयपुर की साइबर थाना पुलिस की गिरफ्त में दोनों बदमाश।
ऐसे पकड़े गए बदमाश
साइबर पुलिस थाने में तैनात एएसआई ओमप्रकाश को मुखबीर से सूचना मिली थी कि राजस्थान, पंजाब के गैंगस्टर्स जयपुर में व्यापारियों, कारोबारियों और ज्वेलर्स को जान से मारने की धमकी देकर रंगदारी मांग रहे हैं। विदेश में बैठे हरि बॉक्सर ने कुछ दिन पहले ही एक व्यापारी को धमकी देकर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी है। विदेश में बैठे हरि बॉक्सर के सम्पर्क में जयपुर में नेत्रपाल सिंह और मान प्रजापति फाइनेंसर हैं। जो जयपुर में ही रहते हैं। सूचना पर टीम ने तुरंत कार्रवाई कर आमेर के कुंडा और लालकोठी स्थित कृष्णानगर से दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया।
ये बदमाश कई लोगों को धमकी देकर पैसा ले चुके है
गिरफ्तार बदमाश विदेश में बैठे हरि बॉक्सर से सोशल मीडिया पर लगातार सम्पर्क में थे। ये लोग लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई के नाम पर जयपुर में अवैध वसूली और जमीन खाली करवाने का काम किया करते हैं।
रिजर्व पुलिस बल की नौकरी कर चुका के बदमाश
आरोपी मान प्रजापति जयपुर जिले के फुलेरा में जोरपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्रतापपुरा के जाटों का मोहल्ला का रहने वाला है। अभी जयपुर के लालकोठी के कृष्णानगर स्थित मकान में किराए पर रह रहा था। आरोपी पांच साल केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की नौकरी कर चुका है। इसके बाद फाइनेंस का काम करने लगा। जो लोगों को 5-10 प्रतिशत पैसा ब्याज पर देकर जबरन वसूली करता है। पैसा नहीं देने पर हरि बॉक्सर से धमकी दिलवाता है। मान प्रजापति सोशल मीडिया के जरिए हरि बॉक्सर से लगातार संपर्क में था। अनमोल बिश्नोई के नाम पर जयपुर में अवैध वसूली और जमीन खाली करवाने का काम भी करता। वहीं, नेत्रपाल सिंह जयपुर जिले के आमेर स्थित कुंडा का रहने वाला है।
जांच में सामने आया कि लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई ने अपने साथियों के साथ कनाडा, बर्लिन (फ्रांस), जर्मनी में बैठकर जयपुर में गुर्गों से संपर्क कर एक गिरोह बना रखा है। आरोपी सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक मैसेंजर, टेलीग्राम, वॉट्सऐप और इंस्टाग्राम पर व्यापारियों, ज्वेलर्स, बिल्डर्स की जानकारी प्राप्त करते हैं। इसके बदले में फिरोती की राशि का कुछ प्रतिशत गुर्गों को देते हैं। सोशल मीडिया के जरिए ही रंगदारी की मांग करते हैं।






