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पिता ने बेटे को बोरवेल में फेंका,16-घंटे बाद निकाला शव:90 फीट गहराई में फंसा था मासूम; पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी

जयपुर में पिता ने डेढ़ साल के बेटे को 200 फीट गहरे बोरवेल में फेंक दिया था। करीब 16 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शुक्रवार सुबह 4:30 बजे शव को निकाला गया।

शव 90 फीट की गहराई पर अटका हुआ था। ऊपर से डाली गई मिट्टी के कारण उसे निकालने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ा।

SDRF और सिविल डिफेंस के करीब 60 मेंबर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे थे। रेस्क्यू टीमों ने 2 तरह के जुगाड़ यूज करके आखिरकार बच्चे का शव निकाला।

मामला जमवारामगढ़ थाना इलाके के दीपोला गांव का है। आरोपी पिता पुलिस की हिरासत में है।

पुलिस ने शव को स्थानीय अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। वहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।
पुलिस ने शव को स्थानीय अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। वहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।

शव निकालते ही गांव में सन्नाटा पसर गया। पुलिस ने शव को स्थानीय अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। वहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। उसके बाद शव परिजन को सौंपा जाएगा।

SHO जमवारामगढ़ रामपाल शर्मा ने बताया- बच्चे की हत्या कर शव फेंका था या मरा समझ कर जिंदा ही उसे बोरवेल में फेंक दिया गया था, इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर ही इसका पूरी तरह से खुलासा हो पाएगा।

जिस बोरवेल में बच्चे को फेंका गया, वह 200 फीट गहरा था।
जिस बोरवेल में बच्चे को फेंका गया, वह 200 फीट गहरा था।

तीन बच्चों को छोड़कर मायके चली गई थी पत्नी SHO जमवारामगढ़ रामपाल शर्मा ने बताया- दीपोला गांव में ललित सैनी परिवार के साथ रहता है। उस पर अपने 3 बच्चों में सबसे छोटे डेढ़ साल के बेटे राम की हत्या का आरोप है। पिछले कई महीनों से पति-पत्नी में झगड़ा हो रहा था। करीब 1 महीने पहले तीनों बच्चों को छोड़कर पत्नी मायके चली गई थी। तब से ललित अकेला तीनों बच्चों की परवरिश कर रहा था।

SHO ने बताया- आरोपी पिता ललित रात करीब 11 बजे घर पहुंचा था। इस दौरान उसका बड़ा भाई ससुराल में फोन पर बात कर रहा था। दोनों भाइयों की शादी एक ही घर में सगी बहनों से हो रखी है। बड़े भाई ने आरोपी को बताया- ससुराल वाले केस करने की बात कह रहे हैं। इस पर ललित ने कहा- मैंने बेटे राम को सफेद कपड़े में बांधकर बोरवेल में डाल दिया है।

घर के अंदर सोते हुआ मिला था आरोपी पिता SHO (जमवारामगढ़) रामपाल शर्मा ने बताया- पुलिस घर पहुंची तो ललित सैनी अपने कमरे में सोते हुए मिला। अत्यधिक शराब के नशे में होने के कारण वह पूरी तरह होश में नहीं था। पुलिस की ओर से मासूम के बारे में पूछताछ के प्रयास किए गए। उसके अचेतावस्था से होश में आने का इंतजार किया गया। परिजनों व स्थानीय लोगों को जगाकर पुलिस ने बच्चे की आसपास तलाश भी की। लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका।

पुलिस को गुमराह कर घुमाता रहा सुबह करीब 4 बजे कुछ होश में आने पर पुलिस ने ललित से डेढ़ साल के राम के बारे में पूछा। पूछने पर वह पहले इधर-उधर की बात करता रहा। बच्चे की तबीयत खराब होने पर हॉस्पिटल दिखाकर दवाई दिलाने की कहकर याद करने का नाटक करता। गुमराह करते हुए पुलिस को साथ लेकर राम को ढूंढने की कहकर घुमाता रहा।

गांव में तीन-चार जगह पुलिस टीम को अपने साथ घुमाता रहा। अलग-अलग जगह बच्चे को बताता रहा। पुलिस के सख्त होने पर अपने दोस्त के घर बेटे राम को छोड़कर आने का बहाना बनाया। बच्चे की तलाश में जुटी टीम भी बताए अनुसार ललित को लेकर दोस्त के यहां जा पहुंची। लेकिन वह बात भी झूठ निकली।

बच्चे को कुएं में फेंकने वाले पिता ललित सैनी का घर। बोरवेल इससे 100 मीटर की दूरी पर है।
बच्चे को कुएं में फेंकने वाले पिता ललित सैनी का घर। बोरवेल इससे 100 मीटर की दूरी पर है।

पिता बोला- बीमार बेटे का शरीर ठंडा पड़ गया था पुलिस टीम को बच्चे के साथ अनहोनी का अंदेशा हो गया। ललित से सख्ती से पूछताछ शुरू की। ललित झूठ बोलता रहा। उसके बाद पुलिस की सख्ती पर टूट गया। बोला- बीमार बेटे की मौत हो गई थी। शरीर ठंडा पड़ चुका था। उसके शव को खेत में पत्थर से ढके बोरवेल में डाल दिया है।

पुलिस का कहना है- बोरवेल में बच्चे को फेंकने की बात सुनकर दंग रह गए। ललित को लेकर बोरवेल तक पहुंचे। प्रथमदृष्टया जांच करने पर बोरवेल में ताजी मिट्टी और पास उगी घास के टुकड़े डालने का पता चला। एक तरफ ललित के झूठ बोलने का संदेह था, दूसरी ओर डेढ़ माह के मासूम को ढूंढने की मजबूरी। बोरवेल में ताजी मिट्‌टी और घास डालने को लेकर 50 प्रतिशत बात सही होने पर बोरवेल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

सीसीटीवी में बच्चे का हाथ दिखाई दिया था। इसके बाद निकालना शुरू किया गया।
सीसीटीवी में बच्चे का हाथ दिखाई दिया था। इसके बाद निकालना शुरू किया गया।

60 लोगों की टीम ने संभाला मोर्चा दोपहर करीब 12 बजे SDRF की टीम बुलाई गई। SDRF और सिविल डिफेंस के 60 मेंबर ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। बोरवेल में कैमरा डालने के बाद शाम करीब 4:30 बजे बच्चे का हाथ दिखाई दिया। 90 फीट गहराई में बोरवेल में बच्चे के फंसे होने का पता चला। इससे बोरवेल में ही बच्चे को फेंकने की पुलिस को पुष्टि हुई।

करीब 16 घंटे की मशक्कत के बाद रातभर ऑपरेशन चलाकर शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे बोरवेल से बच्चे को बाहर निकाला गया। वहां मौजूद डॉक्टर ने चेक करने के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी और बच्चे को बोरवेल से निकालने की कोशिशों में जुट गई थी।
सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी और बच्चे को बोरवेल से निकालने की कोशिशों में जुट गई थी।

पिता सच बोल रहा या झूठ, जांच कर रही पुलिस जमवारामगढ़ सीओ प्रदीप यादव ने बताया- आरोपी पिता के सही-गलत बोलने की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

बच्चे की मौत के बाद शव फेंका या उसकी हत्या की गई, इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की ओर से सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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