मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के नेतृत्व में जयपुर शहर के सुनियोजित विकास की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण निरंतर कार्यरत है।
इसी क्रम में जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने मंगलवार को जेडीए अधिकारियों के साथ गोपालपुरा बाईपास पर त्रिवेणी नगर से गुर्जर की थड़ी तक निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड एवं ओटीएस चौराहे पर पुलिया चौड़ीकरण कार्य का दौरा किया।
जेडीसी ने मौके पर मौजूद अभियंताओं एवं संवेदक के प्रतिनिधियों से पाइलिंग एवं अन्य कार्यों की प्रगति की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना तय समय सीमा के भीतर इस प्रोजेक्ट को पूरा करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जेडीसी महाजन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल एलिवेटेड रोड ही नहीं, बल्कि उसके नीचे की सड़क पर भी निर्बाध यातायात उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने एलिवेटेड रोड के नीचे चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल्स को जीरो करते हुए, उनके स्थान पर रोटरी अथवा सब-वे निर्माण की फिजीबिलिटी देखते हुए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, जेडीसी ने ओटीएस चौराहे के पास स्थित के.एम. मुंशी 160 फीट चौडे मार्ग पर स्थित पुलिया के चौड़ीकरण (160 फीट) कार्य का भी दौरा किया। उन्होंने अभियांत्रिकी शाखा के अधिकारियों को ओटीएस चौराहे पर ‘यू-लूप ट्रैफिक’ से इस चौराहे को भी ट्रैफिक लाइट मुक्त करने हेतु संभावनांए तलाशने हेतु निर्देश दिये।
‘यू-लूप’ (U-Loop) मॉडल में मुख्य चौराहे पर किसी ट्रैफिक लाइट की आवश्यकता नहीं होती है। जो भी वाहन दाएं मुड़ना चाहते हैं या सड़क पार करना चाहते हैं, वे सीधे चौराहे को पार करेंगे और कुछ दूरी पर बने एक विशेष यू-लूप से यू-टर्न लेकर वापस आएंगे और फिर बाएं मुड़कर जाएंगे। चूंकि इस डिजाइन से ट्रैफिक कहीं भी रुकता नहीं है, जिससे अत्यधिक ट्रेफिक वाले समय में भी जाम लगने की संभावना बहुत कम हो जाती है। यह यू-लूप डिज़ाइन शहरी इलाकों के लिए एक बेहतरीन समाधान है, जो न केवल समय बचाता है बल्कि ईंधन की बर्बादी को भी कम करता है।
दौरे के दौरान जेडीसी द्वारा उक्त चौराहे एवं आसपास की सड़क पर लंबित न्यायिक प्रकरणों के निस्तारण हेतु पुख्ता पैरवी करने हेतु संबंधित जोन उपायुक्त — 1 को निर्देश दिए गए एवं यू—लूप की संभावना तलाशने हेतु अन्य विभागों से आवश्यकतानुसार भूमि लेने के संबंध में वार्ता करने के भी निर्देश दिये।
इस दौरे के दौरान निदेशक अभियांत्रिकी-प्रथम एवं अन्य संबंधित अभियंतागण एवं उपायुक्तगण उपस्थित थे।
शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए, जेडीसी ने अधिकारियों को दीर्घकालीन समय के ट्रैफिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए निर्बाध एवं सुगम यातायात कार्ययोजना तैयार करने को कहा, जिसका उद्देश्य शहरवासियों को लंबे समय तक सुरक्षित एवं समय बचाने वाली यातायात व्यवस्था देना है।






