सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र में बुधवार को सदन ने विगत दिनों दिवंगत हुए विशिष्टजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगतों की आत्म शांति और उनके परिजनों को इस बिछोह को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
प्रारम्भ में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शोक प्रस्ताव रखते हुए दिवंगत विशिष्टजनों पंजाब के पूर्व राज्यपाल स्व.शिवराज पाटिल, मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्व. स्वराज कौशल, गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. रवि नाइक, मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.डी.डी.लापांग, त्रिपुरा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. बिस्वा बन्धु सेन, पूर्व सांसदगण स्व.रामेश्वर लाल डूडी, स्व.अश्क अली टाक, स्व. धर्मेन्द्र, स्व. भानुप्रकाश मिर्धा एवं स्व. श्याम सुन्दर लाल, राजस्थान विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष स्व. गिरिराज प्रसाद तिवारी, पूर्व मंत्री स्व. भरत सिंह, स्व. नन्दलाल मीणा, पूर्व राज्य मंत्री स्व.डॉ.रतनलाल जाट, पूर्व विधायकगण स्व. शिवराम सिंह कुशवाह, स्व.डॉ.रघुवीर सिंह गौड़, स्व.मोहनलाल राठौड़, स्व. विजय सिंह, स्व.श्री फूलचन्द गुर्जर, स्व. दिलसुखराय चौधरी और स्व. नवरंग सिंह द्वारा राजनीतिक, सामाजिक एवं अन्य क्षेत्रों में दी गई सराहनीय सेवाओं का उल्लेख किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि पंजाब के पूर्व राज्यपाल शिवराज पाटिल सातवीं से तेरहवीं लोक सभा तक लगातार सात बार सांसद रहे। पाटिल केन्द्रीय सरकार में गृह, नागरिक उड्डयन एवं पर्यटन सहित अनेक मंत्रालयों के मंत्री भी रहे। वे लोक सभा के अध्यक्ष भी रहे। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी पाटिल जनवरी, 2010 से जनवरी, 2015 तक पंजाब के राज्यपाल के पद पर आसीन रहे। इस दौरान वे चंडीगढ़ के प्रशासक भी रहे। पाटिल के पास अप्रैल, 2010 से मई, 2012 तक राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार भी रहा। उनका 12 दिसम्बर, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मिजोरम के पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल वर्ष 1998 से 2004 तक राज्य सभा में हरियाणा से सांसद रहे। कौशल मिजोरम के राज्यपाल के पद पर आसीन रहे। उनका 4 दिसम्बर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री रवि नाइक के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नाइक बारहवीं लोक सभा में पणजी से सांसद रहे। वे गोवा विधान सभा के छह बार सदस्य निर्वाचित हुए। दीर्घ संसदीय अनुभव रखने वाले नाइक ने गोवा सरकार में उप मंत्री, केबिनेट मंत्री तथा दो बार मुख्य मंत्री के पद के दायित्वों का निर्वहन किया। नाइक का 14 अक्टूबर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने बताया कि मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री डी.डी. लापांग दशकों तक मेघालय विधान सभा के सदस्य रहे। वे मेघालय के चार बार मुख्यमंत्री तथा दो बार उप मुख्यमंत्री रहे। कुशल प्रशासक रहे लापांग का 12 सितम्बर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने बताया कि त्रिपुरा विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष बिस्वा बन्धु सेन वर्ष 2008 से मृत्यु पर्यन्त त्रिपुरा विधान सभा के सदस्य रहे। सेन की साहित्य में रुचि थी तथा वे लघु कहानियां और कविताएं लिखते थे। कुशल संसदविद् सेन का 26 दिसम्बर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने कहा कि पूर्व सांसद रामेश्वर लाल डूडी चौदहवीं राजस्थान विधान सभा में नोखा से विधायक निर्वाचित हुए। वे तेरहवीं लोक सभा में बीकानेर से सांसद और जनवरी, 2014 से दिसम्बर, 2018 तक विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता भी रहे। उनका 4 अक्टूबर, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्व सांसद अश्क अली टाक द्वारा राजनीति के क्षेत्र में दी गई सेवाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वे आठवीं राजस्थान विधान सभा में फतेहपुर से विधायक निर्वाचित हुए। टाक राज्य सरकार में विभिन्न विभागों के राज्य मंत्री रहे। टाक राजस्थान से राज्य सभा के सांसद भी रहे। उनका 5 अक्टूबर, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व सांसद धर्मेन्द्र चौदहवीं लोक सभा के लिये बीकानेर से सांसद निर्वाचित हुए। प्रख्यात फिल्म अभिनेता रहे धर्मेन्द्र ने अपने छह दशकों से अधिक के फिल्मी कैरियर में 300 से अधिक फिल्मों में कार्य किया। उनके अभिनय, कला तथा भारतीय सिनेमा में उनके सराहनीय योगदान के लिये वर्ष 2012 में पद्म भूषण तथा वर्ष 1997 में फिल्मफेयर लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। धर्मेन्द्र को वर्ष 2026 में कला क्षेत्र में मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान प्रदान किये जाने की घोषणा भी की गयी है। उनका 24 नवम्बर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने कहा कि पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा ग्यारहवीं लोक सभा में नागौर से सांसद निर्वाचित हुए। उनका 1 दिसम्बर, 2025 को निधन हो गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व सांसद श्याम सुन्दर लाल, छठी लोक सभा में बयाना से सांसद निर्वाचित हुए। उनका 28 नवम्बर, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गिरिराज प्रसाद तिवारी पाँचवीं तथा आठवीं राजस्थान विधान सभा के सदस्य रहे। तिवारी ने राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा का प्रतिनिधित्व भी किया। तिवारी का 3 अक्टूबर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने बताया कि पूर्व मंत्री भरत सिंह दसवीं, बारहवीं, तेरहवीं एवं पन्द्रहवीं राजस्थान विधान सभा के सदस्य रहे। भरत सिंह पंचायतीराज विभाग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री रहे। उनको वर्ष 2007 के लिये सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनका 6 अक्टूबर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने पूर्व मंत्री नन्दलाल मीणा के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे छठी, सातवीं व दसवीं से चौदहवीं राजस्थान विधान सभा के सदस्य रहे। मीणा राज्य सरकार में विभिन्न विभागों के मंत्री तथा राज्य मंत्री रहे। दीर्घ संसदीय अनुभव रखने वाले मीणा लोक सभा में सलूम्बर से सांसद भी रहे। उनका 27 सितम्बर, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व राज्य मंत्री डॉ. रतनलाल जाट नौवीं तथा ग्यारहवीं राजस्थान विधान सभा के लिये सहाड़ा से निर्वाचित हुए। डॉ. जाट राज्य सरकार में तकनीकी शिक्षा विभाग एवं महाविद्यालयी एवं विश्वविद्यालयी शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री रहे। उनके पास महिला एवं बाल विकास विभाग का स्वतंत्र प्रभार भी रहा। डॉ. जाट का 13 नवम्बर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने बताया कि पूर्व विधायक शिवराम सिंह कुशवाह ग्यारहवीं राजस्थान विधान सभा में धौलपुर से विधायक निर्वाचित हुए। उनका 8 दिसम्बर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने कहा कि पूर्व विधायक डॉ. रघुवीर सिंह गौड़ ग्यारहवीं राजस्थान विधान सभा में कोटपूतली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रहे। चिकित्सक के रूप में लगभग 34 वर्षों तक अपनी सेवाएं देने वाले डॉ. गौड़ का 19 अक्टूबर, 2025 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व विधायक मोहनलाल राठौड़ ग्यारहवीं राजस्थान विधान सभा में झालरापाटन से विधायक निर्वाचित हुए। विधान सभा में वे विशेषाधिकार समिति के सदस्य भी रहे। उनका 16 मई, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने कहा कि पूर्व विधायक विजय सिंह दसवीं राजस्थान विधान सभा में दीगोद से विधायक निर्वाचित हुए। विधान सभा के कार्यकाल के दौरान वे जन लेखा समिति के सदस्य रहे। उनका 27 नवम्बर, 2025 को निधन हो गया।
स्पीकर देवनानी ने बताया कि पूर्व विधायक फूलचन्द गुर्जर आठवीं एवं नौवीं राजस्थान विधान सभा में नीम का थाना से विधायक रहे। वे विधान सभा में विभिन्न समितियों के सदस्य रहे। उनका 2 जनवरी, 2026 को निधन हो गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व विधायक दिलसुखराय चौधरी नौवीं राजस्थान विधान सभा में फतेहपुर से विधायक निर्वाचित हुए। विधान सभा में वे गृह समिति तथा संसदीय परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। चौधरी का दिनांक 26 दिसम्बर, 2025 को निधन हो गया।
देवनानी ने बताया कि पूर्व विधायक नवरंग सिंह, छठी एवं आठवीं राजस्थान विधान सभा में नवलगढ़ से विधायक निर्वाचित हुए। सिंह विधान सभा में विभन्न समितियों के सदस्य रहे। विधानसभा सचिवालय में आयोजित होने वाले सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न् कार्यक्रमों में नियमित रूप से भाग लेने वाले सिंह का 19 सितम्बर, 2025 को निधन हो गया।






