राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद से जोधपुर में पोस्टमॉर्टम के दौरान अस्पताल में तनाव बना हुआ। बुधवार रात को उनकी मौत की जानकारी सामने आने के बाद से सैकड़ों की संख्या में भक्त वहां मौजूद हैं।
कई भक्तों ने उनके पिता और आश्रम पर भी साध्वी की मौत को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, उनके पिता ने मौत का कारण गलत इंजेक्शन को बताया है। प्रेम बाईसा की बॉडी को पोस्टमार्टम के बाद उनके बोरनाडा स्थित आश्रम ले जाया गया है।
भक्तों ने लगाए पिता पर आरोप
एक भक्त रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि रात 9:30 बजे के करीब वो आरती नगर स्थित साध्वी के आश्रम पहुंचे। वहां उस समय साध्वी के पिता बॉडी को लेकर बाहर खड़े थे।
बॉडी को अंदर ले जाने से मना करने लगे। इतना ही नहीं साध्वी के फोन को भी पुलिस को देने से मना कर दिया। हालांकि, बाद में ACP छवि शर्मा ने उनके मोबाइल को अपने कब्जे में ले लिया।
पिता ने भागने की भी कोशिश की- भक्त
रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि बॉडी को मॉर्च्युरी में ले जाने के लिए रवाना हुए तो अपने निजी वाहन से उतरकर भागने की कोशिश भी की।
बाद में ACP ने उन्हें समझाया और खुद एसीपी छवि शर्मा निजी गाड़ी जिसमें बॉडी थी। उस गाड़ी में बैठकर MGH मॉर्च्युरी के लिए रवाना हो गए।

कथावाचक की तबीयत 2 दिन से खराब थी
एसीपी(वेस्ट) छवि शर्मा ने बताया कि परिजनों की ओर से दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, साध्वी की तबीयत पिछले दो दिनों से नासाज थी। बुधवार को उन्होंने किसी से एक इंजेक्शन लगवाया था।
इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद उनकी तबीयत अचानक और ज्यादा बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर पाल रोड स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल (प्रेक्षा हॉस्पिटल) पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को एमजीएच मोर्चरी में लाया गया।








