अजमेर में अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर नगर निगम के 2250 अस्थाई सफाई कर्मचारी गुरुवार को भी हड़ताल पर रहे। सफाई कर्मचारी रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पर पहुंचे और धरना दिया।
सफाई कर्मचारियों ने अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के बैनर तले कलेक्टर लोकबंधु को चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिए जल्द मांगों को पूरा करने की चेतावनी दी गई।
वहीं, दूसरी तरफ सफाई कर्मचारियों के हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। नालियों में गंदगी व पानी बाहर बहता रहा। प्रमुख बाजारों से कचरा नहीं उठा।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दो महीने से अजमेर नगर निगम के ठेकेदारों द्वारा कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। निगम प्रशासन और ठेकेदार से बार-बार गुहार लगाई जा रही है, लेकिन निगम और ठेकेदारों द्वारा आश्वासन और भुगतान की बात नहीं की जा रही।
नगर निगम में 26 मुख्य मार्गों पर कार्यरत अस्थाई कर्मचारियों को कार्य से हटाने की रूपरेखा भी बनाई जा रही है, जिसे कई अस्थाई कर्मचारियों के बेरोजगार होने का संकट आ पड़ा है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर 48 घंटे में उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो सभी सफाई कर्मचारी जयपुर कोच करेंगे।

नहीं हुआ कचरे का उठाव, नालियों से बहती रही गंदगी
सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से दरगाह बाजार, लाखन कोटड़ी, नया बाजार, देहली गेट, ऋषि घाटी, सुभाष उद्यान और शाहिद अन्य क्षेत्र से कचरा ही नहीं उठा। सफाई कर्मचारियों के नहीं आने से व्यापारियों ने दोनों तरफ से सफाई करके कचरा बीच सड़क पर कर दिया। कचरा डिपो में कचरा भरा हुआ रहा।

11 सर्कल, 48 वार्ड और 2250 कर्मी हड़ताल पर
80 वार्डों के 11 सर्किलों में 48 वार्डों की सफाई व्यवस्था 2250 अस्थाई सफाई कर्मचारियों के पास है। 32 वार्ड ही पक्के हैं जहां 1413 स्थाई सफाई कर्मचारी लगे हैं। ठेके के सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से 80 वार्डों की जवाबदेही 1413 पर आ गई है।
शहर से रोजाना 300 टन कचरा उठता है। उत्तर में 44 वार्ड में 80454 मकान और दक्षिण में 36 वार्डों में 49534 मकान है। इनके अलावा मुख्य सड़क के अलग हैं, इन सभी के साफ-सफाई की जिम्मेदारी अब 1413 पर है।






