स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने कनिष्ठ अभियंता एग्जाम मामले में गुरुवार दोपहर बड़ा खुलासा किया है। कनिष्ठ अभियंता एग्जाम पेपर लीक के कारण निरस्त हुई थी। दोबारा एग्जाम कराने पर भी नकल गिरोह की ओर से पेपर आउट कर कैंडिडेट तक पहुंचाया गया था। एसओजी की ओर से मुख्य आरोपी सहित 2 जनों को अरेस्ट किया गया है। एसओजी टीम फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 की एग्जाम दिसम्बर-2020 में हुआ था। पीपर लीक के कारण एग्जाम निरस्त कर दी गई थी। इस संबंध में जयपुर के सांगानेर थाने में FIR दर्ज की गई थी। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण प्रश्न सामने आया कि जब निरस्त की गई एग्जाम पेपर लीक के आधार पर पास की गई थी, तो दोबारा आयोजित परीक्षा में वे किस तरीके से पास हुए।
दोबारा पेपर आउट होने का चला पता गिरफ्तार आरोपियों से पता चला कि दोबारा आयोजित परीक्षा-2021 में भी वहीं संगठित गिरोह सक्रिय था। उसी गिरोह की ओर से एग्जाम से पहले पेपर आउट कर कैंडिडेट को पढ़ाया गया था। लीक पेपर को पढ़ाकर कैंडिडेट को सरकारी नौकरी ज्वाइंन करवाई गई। एसओजी की ओर से जनवरी-2026 में केस दर्ज किया गया।
जॉब के बाद हुआ प्रमोशन एसओजी ने मामले में आरोपी जगदीश विश्नोई निवासी सांचौर जालोर को अरेस्ट किया। मुख्य आरोपी जगदीश से पूछताछ में सामने आया कि उसने साथियों के साथ मिलकर सितम्बर-2021 में कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा का दोबारा आयोजित पेपर आउट किया था। एग्जाम से कुछ समय पहले ही पेपर लीक कर कैंडिडेट को उपलब्ध करवा दिया गया था।
एसओजी जांच में सामने आने पर आरोपी गणपतलाल विश्नोई (34) निवासी सांचौर जालौर को गुरुवार सुबह अरेस्ट किया गया। वह वर्तमान में सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता बाड़मेर के पद पर कार्यरत है। जिसने अनुचित व अवैध साधनों से परीक्षा पास की। जिससे भर्ती परीक्षा में मेरिट क्रमांक-12 पर चयनित होने के बाद पदोन्नत भी हुआ। एसओजी की ओर से अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।





