रात के करीब 2:30 बजे थे। बस में सवार लोग नींद में थे। अचानक धमाका हुआ। मैं ड्राइवर के पीछे वाली सीट पर बैठा था। पत्नी की गोद में बेटा सो रहा था। मैं आगे की तरफ गिरा। संभला तो देखा पत्नी और बेटा बस व ट्रेलर के बीच फंसे हुए थे। पत्नी और बेटे की मौत हो गई थी। मासूम बेटा मां की गोद में ही था।
यह दर्द हादसे में घायल उस युवक का है, जिसने अपनी आंखों के सामने पत्नी और बेटे को खो दिया।
दरअसल, भरतपुर में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर बुधवार देर रात करीब 2:30 बजे स्लीपर बस सेवर पुल पर खड़े ट्रक में घुस गई। हादसे में मां-बेटे और ड्राइवर समेत 4 लोगों की मौत हो गई। 5 यात्री घायल हो गए।
टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। कई यात्री सीटों के नीचे फंस गए। पुलिस और राहत टीम ने मशक्कत के बाद शवों और घायलों को बाहर निकाला और RBM हॉस्पिटल भिजवाया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हादसे के समय ड्राइवर फोन पर बात कर रहा था। साथ ही कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी। ट्रेलर के पीछे कोई चेतावनी संकेत नहीं लगे थे, इस कारण ड्राइवर को ट्रेलर नहीं दिखा।
यूपी से जयपुर आ रही थी बस बस कासगंज (उत्तर प्रदेश) से जयपुर आ रही थी। हादसे में सतोवा, मथुरा (यूपी निवासी) गीता (38) पत्नी रामवीर और उनके बेटे कान्हा (8) की मौत हो गई। ड्राइवर मुक्खन सिंह (28) पुत्र खेम सिंह निवासी कठूमर (अलवर) और मुस्लिम (40) पुत्र इस्माइल निवासी कासगंज की भी जान चली गई। 5 घायलों में गीता का पति रामवीर (42) भी है।
हादसे में घायल हुए पांच यात्रियों को RBM हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। बस और ट्रेलर को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।


मां की गोद में सो रहा था बेटा सतोवा (मथुरा) निवासी घायल रामवीर (42) ने बताया- मैं भगवान की पोशाक बनाने का काम करता हूं। जयपुर में दुकानों पर पोशाक सप्लाई करता हूं। बुधवार रात को पोशाक लेकर बस से जयपुर आ रहा था। पत्नी गीता और बेटा भी साथ में थे।
रामवीर ने बताया- मैं ड्राइवर की पीछे वाली सीट पर था। मेरे पास बैठी पत्नी गीता की गोद में बेटा कान्हा था। सभी सो रहे थे। रात करीब ढाई बजे अचानक जोरदार टक्कर हुई। मैं आगे की तरफ गिर गया।
संभलने के बाद जब अपनी सीट पर पहुंचा तो पत्नी और बेटा बस व ट्रेलर के बीच फंसे हुए थे। मैंने खुद बेटे को बस और ट्रेलर के बीच से बाहर निकाला। पत्नी गीता की भी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
RBM हॉस्पिटल में भर्ती रामवीर ने बताया- मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर है। मेरे चार बेटी और दो बेटे हैं। हम बच्चों रीना (17), करीना (15), प्रवीण (13), प्रीति (11) और नन्ही (9) को घर छोड़कर आए थे। हादसे की सूचना मिलने के बाद घर पर बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मोबाइल पर बात कर रहा था बस ड्राइवर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर भरत सिंह जोईया ने बताया- प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसे के वक्त बस ड्राइवर मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। इसी दौरान बस बेकाबू हुई और सीधे ट्रेलर में जा घुसी। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोहरा, हाईवे पर खड़ा ट्रेलर और ड्राइवर की लापरवाही को हादसे की वजह मानते हुए सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।





