प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजस्थान के एक एजुकेशनल ट्रस्ट और उसके प्रमोटर के खिलाफ सोमवार को चार्जशीट फाइल की है। यह चार्जशीट कट्टरपंथ, अवैध धर्मांतरण, हवाला कारोबार और हथियार तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में दाखिल की गई है।
ईडी सूत्रों के मुताबिक- अलफुरकान एजुकेशन ट्रस्ट (एईटी), उसके प्रमोटर मोहम्मद सादिक और कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ जयपुर में पीएमएलए कोर्ट में 30 जनवरी को चार्जशीट फाइल की गई थी। आरोप है कि सादिक अलफुरकान एजुकेशन ट्रस्ट पर वास्तविक नियंत्रण रखता था। जो बीकानेर में मस्जिद-ए-आयशा को मैनेज करता था। उसने धार्मिक, सामाजिक और मानवीय कार्यों के नाम पर एकत्र किए डोनेशन का सिस्टमिक रूप से गलत उपयोग किया।
आरोपी सादिक ने विदेश से आए 64 लाख रुपए अलफुरकान एजुकेशन ट्रस्ट (एईटी) के अकाउंट में भेजे थे।
विदेश से आए 64 लाख रुपए
ट्रस्ट ने रेगुलर तौर पर बड़े पब्लिक डोनेशन को हासिल किया। बिना ऑडिट और इनकम टैक्स फाइलिंग के ज्यादातर कैश में डोनेशन लिया गया। विदेश से आए 64 लाख रुपए को बिना परमिशन विदेशी योगदान को FCRA के नियमों का उल्लंघन करते हुए गैर कानूनी तरीके से अलफुरकान एजुकेशन ट्रस्ट (एईटी) के अकाउंट में भेजा गया। इस अमाउंट को गलत तरीके से सही चैरिटेबल डोनेशन के तौर पर दिखाया गया।
ईडी की ओर से आरोपी सादिक के खिलाफ रेडिकलाइजेशन एक्टिविटीज, हवाला डीलिंग, जबरदस्ती धर्म परिवर्तन, गैर-कानूनी हथियारों की तस्करी और संदिग्ध हाई-वैल्यू फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में शामिल होने के आरोपों पर राजस्थान पुलिस की दो FIR पर संज्ञान लिया गया। फेडरल जांच एजेंसी ने मामले में सितंबर 2025 में बीकानेर में ट्रस्ट के ठिकानों पर छापे मारे थे।
हिंसा भड़काने और हमलों में हथियारों का उपयोग
आरोपी सादिक गैर कानूनी हथियारों की तस्करी में भी शामिल था। वह देसी पिस्तौल-कारतूस खरीदना, रखना और सप्लाई करता था। उसने अपने साथियों के जरिए हिंसक हमलों के लिए हथियारों का यूज किया। पुलिस चार्जशीट, बरामदगी और गवाहों के बयानों में इसका दावा किया गया है।
जांच में सामने आया कि उसने हिंसा भड़काने और फंड जुटाने के जानबूझकर सीनियर सरकारी अधिकारियों और धार्मिक समुदायों को निशाना बनाते हुए बार-बार भड़काऊ, नफरत भरे और भड़काऊ भाषण दिए। इन्हें बाद में अलग-अलग कट्टरपंथी NGO और संगठनों, जिनमें विदेशी संस्थाएं भी शामिल हैं, को डोनेशन के लिए भेजा गया। इन रुपए का उपयोग आरोपी ने अपने निजी खर्चों के लिए भी किया।
ED ने देखे भड़काऊ भाषण के वीडियो
ED ने कहा- सादिक के नाम से बहुत ज्यादा सर्कुलेट हुए भड़काऊ वीडियो भाषण देखे। साथ ही उसकी देखरेख में पब्लिक गैदरिंग में विदेशी देशों के झंडे जलाने की घटनाओं की भी जांच की। इसके जरिए निजी फायदे के लिए सांप्रदायिक भावनाओं का फायदा उठाकर कैश डोनेशन जुटाया गया। आरोपी ने फाइनेंशियल ऑपरेशन और क्रिमिनल नेटवर्क को छिपाने के लिए धार्मिक और चैरिटेबल काम का दिखावा किया।





