Home » राजस्थान » सीकर में ग्रामीणों ने दी सुसाइड की चेतावनी:अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध किया, कहा-बिना समय दिए हमारा आसरा छीन रहे

सीकर में ग्रामीणों ने दी सुसाइड की चेतावनी:अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध किया, कहा-बिना समय दिए हमारा आसरा छीन रहे

सीकर नगर परिषद क्षेत्र के बाहरी इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध बढ़ता जा रहा है। चंदपुरा गांव के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा- प्रशासन ने मांगे नहीं मानी तो पीड़ित सुसाइड करने को मजबूर हो जाएंगे। बिना समय दिए हमारा आसरा छीन रहे है। प्रशासन से मकान तोड़े जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

चंद्रपुर के ग्रामीणों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बिना पुनर्वास के किसी को बेघर नहीं किया जा सकता है, ऐसे में UIT की कार्रवाई गलत है।
चंद्रपुर के ग्रामीणों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार बिना पुनर्वास के किसी को बेघर नहीं किया जा सकता है, ऐसे में UIT की कार्रवाई गलत है।

ग्रामीणों का कहा- लंबे समय से इस अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। प्रशासन जिस भूमि को गोचर भूमि बताकर मकान तोड़ रहा है। वे पिछले 70 वर्षों से निवास कर रहे हैं। प्रशासन ने बिना किसी पुनर्वास योजना के मकान तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इतने लंबे समय से रह रहे निवासियों के लिए पुनर्वास और उचित मुआवजे की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्हें बेघर करने से पहले उनके रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।

काफी वर्षों से गोचर भूमि अवस्थित है

ग्रामीणों ने ज्ञापन देकर कहा कि आदर्श गांव चंदपुरा में काफी वर्षों से गोचर भूमि अवस्थित है, जिसकी चारों ओर की सीमा पर किसानों के खेत है और दलित परिवारों के मकान बने हुए हैं। ये लोग लगभग 70 साल से निवास कर रहे हैं।

अधिकांश परिवारों को सन् 1970 में तहसीलदार व ग्राम पंचायत ने आबादी के पट्टे आवंटित किए गए हैं। नगर विकास न्यास की ओर से गोचर भूमि में कॉलोनी काटना प्रस्तावित किया है। जिसमें प्रशासन की ओर से दलित परिवारों के मकानों को चिन्हित कर मकान खाली करने के मौखिक आदेश दिए हैं।

नया निर्माण करने की कोशिश की जा रही

ग्रामीणों‌ का कहना है कि अभी बने हुए मकानों को तोड़कर नया निर्माण करने की कोशिश की जा रही है। दलित परिवार लंबे समय से यहां निवास कर रहे हैं तथा सीमा पर किसानों के खेतों में रबी की फसल है, इसलिए में पूरा गांव परेशानी में है। ग्रामीणों ने मांग की है कि नगर विकास न्यास पक्के मकानों को ना हटाकर खाली गोचर भूमि में अपनी कार्रवाई करे। रबी की फसल पूरी नहीं पकने तक सीमा पर किसानों के खेतों में कोई कार्रवाई नहीं करें। प्रशासन ने मांगे नहीं मानी तो पीड़ित सुसाइड करने को मजबूर हो जाएंगे।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

infoverse academy

Top Headlines

पाली में घरों में घुस रही संदिग्ध महिला:कॉलोनीवासियों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, आरोप- चोरी करने की फिराक में थी

पाली में बुधवार को एक घर में दिनदहाड़े एक अंजान महिला घुस गई। पहली मंजिल पर खड़े लोगों ने देखा