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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयास धरातल पर हो रहे साकार

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीणों तक सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम उत्थान शिविरों की अभिनव पहल की गई है। 23 जनवरी (बंसत पंचमी) से प्रदेश के प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर शुरू हुए इन शिविरों में आमजन की 77 लाख से अधिक समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।इन शिविरों से किसान,पशुपालक,महिला एवं श्रमिक सहित विभिन्न वर्गों को एक ही छत के नीचे योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है।इससे प्रशासन और आमजन के बीच की दूरी कम हुई है और आत्मनिर्भर एवं सशक्त ग्रामीण राजस्थान को गति मिली है।
13 लाख 91 हजार से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा, मिल रही 13 विभागों की सेवाएं
ग्राम उत्थान शिविरों के तहत अब तक पूरे प्रदेश में 1 हजार 512 शिविर लगाकर ग्रामीणों को राहत दी गई है। अब तक इन शिविरों में 13 लाख 91 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। जिसमें 9 लाख 17 हजार पुरूष एवं 4 लाख 12 हजार महिलाएं शामिल हैं। प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर आयोजित इन शिविरों में करीब 13 विभागों की विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे ग्रामीणों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।
98 हजार सॉइल हेल्थ कार्ड और 55 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड का वितरण
इन शिविरों में किसानों, पशुपालकों के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। किसानों को 98 हजार 299 से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड और 55 हजार 886 स्वामित्व कार्ड का वितरण किया गया है। पशुपालकों के लिए भी इन शिविरों में अनेक कार्य करवाए जा रहे हैं। इन शिविरों में मंगला पशु योजना के तहत 92 हजार पशुपालकों का पंजीकरण किया गया तथा 5 लाख 11 हजार पशुओं की प्राथमिक चिकित्सा और 77 हजार पशुओं का टीकाकरण किया गया है।
ग्राम उत्थान शिविरों में सहकारिता, कृषि विपणन एवं उद्यानिकी की विभिन्न योजनाओं के प्रति आमजन को जागरूक भी किया जा रहा है। इन शिविरों में किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूहों को ऋण आवदेन, नये कस्टम हायरिंग सेन्टर्स के आवदेन सहित विभिन्न योजनाओं से लाखों ग्रामीणों को जागरूक किया गया। साथ ही, कृषि विपणन के तहत मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के तहत अब तक 2 हजार 923 आवेदनों का निस्तारण भी किया गया।
इन शिविरों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत 28 हजार 908 पंजीकरण तथा फार्मर रजिस्ट्री के 14 हजार 430 पंजीकरण किए गए हैं। शिविरों में फार्म पौंड, तारबंदी, पाईपलाइन के आवेदन, प्राथमिक डेयरी सहकारी समिति और डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण, नहरों एवं खालों की मरम्मत, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जल संरक्षण का प्रचार-प्रसार, कृषि योजनाओं की जानकारी, मिनी किट वितरण का सत्यापन, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, युवा स्वरोजगार योजना, ड्रिप, फव्वारा संयत्र, प्लास्टिक मल्च के आवेदन सहित डेयरी, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं एवं योजनाओं के कार्य करवाए जा रहे हैं।
सुबह 10 बजे से शाम के 5 बजे प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर शिविर होंगे आयोजित
23 जनवरी से शुरू हुए शिविरों में प्रथम चरण के तहत 25 व 31 जनवरी को शिविरों का आयोजन किया गया तथा दूसरे चरण के तहत 1 फरवरी को प्रदेशभर में शिविर आयोजित हुए। अब इन शिविरों के दूसरे चरण के तहत 5 से 9 फरवरी तक शिविरों का आयोजन किया जाएगा। प्रदेशभर में प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक लगने वाले इन शिविरों में आमजन मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के आवेदन, पंजीकरण और समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्राम उत्थान शिविर राज्य सरकार की ‘जनसेवा ही सर्वोपरि’ की अवधारणा का प्रतीक बनकर उभर रहे हैं।साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आह्वान किया है कि किसान एवं पशुपालक इन शिविरों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लें।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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