प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जयपुर जोनल ऑफिस ने भारतीय रेलवे से धोखाधड़ी मामले में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। ये मामला एम/एस विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस विनायक लॉजिस्टिक्स और उनके प्रोपराइटर/डायरेक्टर प्रवेश काबरा से जुड़ा है।
ईडी ने 13.48 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इस तरह जनवरी से अब तक कुल 16.15 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।
16.15 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की
ईडी के मुताबिक-भारतीय रेलवे से धोखाधड़ी मामले में PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने साल 2021-22 के दौरान रेलवे बुकिंग रिकॉर्ड में भी हेरफेर किया था।
मार्बल पाउडर,वेस्ट मार्बल पाउडर और डोलोमाइट जैसे महंगे माल को एलम पाउडर और पुट्टी जैसे कम कीमत वाले माल के रूप में दर्ज किया। इनका उद्देश्य रेलवे फ्रेट और GST की चोरी करना था।
आरोपियों ने फर्जी फॉरवर्डिंग नोट, ई-फॉरवर्डिंग नोट्स और गलत कोड का यूज कर 120 से ज्यादा रेक का अवैध परिवहन किया। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की जांच में साफ हुआ कि घोषित माल वास्तव में मार्बल और डोलोमाइट पाउडर था।
इस धोखाधड़ी से आरोपियों ने 16.15 करोड़ रुपए की अवैध कमाई कर भारतीय रेलवे और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया। ईडी ने कारवाई करते हुए आरोपियों की गुरुग्राम-हरियाणा में 13.48 करोड़ रुपए की आवासीय संपत्ति को कुर्क किया है।
2.67 करोड़ की पहले हुई कुर्की
ईडी ने इससे पहले 6 जनवरी 2026 को इनकी गुरुग्राम स्थित व्यावसायिक संपत्ति को 2.67 करोड़ रुपए की कुर्की की थी। आगे की वित्तीय जांच में सामने आया कि शेष राशि को आरोपियों ने अपने बिजनेस और प्राइवेट खर्च में यूज की है। जिसकी भरपाई के लिए ईडी ने गुरुग्राम, हरियाणा स्थित आवासीय संपत्ति को 13.48 करोड़ रुपए के बराबर मूल्य पर कुर्क किया।






