Home » राजस्थान » आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से लैस होंगे अटल ज्ञान केंद्र, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी अध्ययन के साथ कर सकेंगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से लैस होंगे अटल ज्ञान केंद्र, ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी अध्ययन के साथ कर सकेंगे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी 

 मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को सचिवालय में अटल ज्ञान केंद्र योजना की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित किए जा रहे अटल ज्ञान केंद्रों को ग्रामीण युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, डिजिटल साक्षरता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों में निर्धारित अधोसंरचना, डिजिटल सुविधाएं एवं अध्ययन संसाधन समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएं तथा कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजना के प्रथम चरण में लक्षित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर निर्माणाधीन एवं पूर्ण किए जा चुके कार्यों की प्रगति की सतत समीक्षा की जाए तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अटल ज्ञान केंद्रों का संचालन इस प्रकार किया जाए कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाओं का लाभ मिल सके।
बैठक में पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगा राम ने बताया कि प्रत्येक केंद्र में ई-लाइब्रेरी, समसामयिक विषयों की पत्र-पत्रिकाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों, तार्किक एवं आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देने वाली सामग्री, स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित साहित्य, बहुभाषी समाचार-पत्र एवं ई-मित्र सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर चरणबद्ध रूप से अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 3 हजार से अधिक जनसंख्या वाले 2056 ग्राम पंचायत मुख्यालयों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 1 हजार 687 अटल ज्ञान केंद्रों को वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है, जिनमें से 508 केंद्रों पर कार्य प्रगति पर है तथा 243 अटल ज्ञान केंद्रों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक अटल ज्ञान केंद्र के लिए लगभग 36×20 फीट का भवन, न्यूनतम चार डिजिटल वर्कस्टेशन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, फर्नीचर तथा कम से कम 20 विद्यार्थियों के बैठने की अध्ययन सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही केंद्रों को प्रशिक्षण एवं अन्य गतिविधियों हेतु एक्टिविटी सेंटर के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अटल ज्ञान केंद्रों के संचालन हेतु अटल प्रेरकों की तैनाती प्रस्तावित है, जिनका प्रमुख दायित्व ग्रामीण आबादी को डिजिटल रूप से साक्षर बनाना, ई-गवर्नेंस सेवाओं के उपयोग को बढ़ावा देना तथा नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
उल्लेखनीय है कि अटल ज्ञान केंद्र योजना की घोषणा माननीय मुख्यमंत्री द्वारा सुशासन दिवस 25 दिसंबर 2024 के अवसर पर की गई थी, जिसे वर्ष 2025-26 के बजट में भी शामिल किया गया है। बैठक में पंचायतीराज विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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