भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से देश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र तेज़ी से विकास कर रहा है और इसका सीधा लाभ किसानों, उद्यमियों एवं युवाओं को मिल रहा है। राठौड़ ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वर्ष 2014-15 में 1.34 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 2.24 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। बीते वर्षों में इस क्षेत्र ने 7.33 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित किया है, जो इसकी मजबूत संभावनाओं को दर्शाता है। मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने सदन में यह जानकारी दी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना को सशक्त करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के अंतर्गत राज्य में 2 मेगा फूड पार्क, 2 कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर,
14 एकीकृत कोल्ड चेन परियोजनाएं, 24 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां तथा 6 बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत राजस्थान में 1444 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को मंजूरी दी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और किसानों को बाजार से जोड़ने में मदद मिल रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत अब तक 1.72 लाख से अधिक सूक्ष्म उद्यमों को सब्सिडी स्वीकृत की गई है और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को 1282.99 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है। “एक जिला–एक उत्पाद (ओडीओपी)” पहल के माध्यम से देश के 726 जिलों में 137 विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसान-हितैषी, उद्यम-समर्थक और रोजगारोन्मुख हैं। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और राजस्थान को एग्री-प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।






