सलूंबर जिला पुलिस ने 10 साल से पैरोल से फरार चल रहे आरोपी पदिया पुत्र राजिया मीणा को गिरफ्तार कर लिया। सलूंबर एसपी राजेश यादव ने बताया कि 2015 में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा हुई थी।
हाईकोर्ट जोधपुर में दायर डीबी क्रिमिनल अपील के दौरान आरोपी पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था। सूचना मिली थी कि वह अपना नाम बदलकर मारवाड़ क्षेत्र में रह रहा है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल सलूंबर के कॉन्स्टेबल हेमेन्द्र सिंह ने पंडित का वेश धारण कर भागवत कथा कराने के बहाने स्थानीय ठेकेदारों और मजदूरों से संपर्क किया। मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की।
पत्थर फेंककर भागने की कोशिश
ठेकेदार के माध्यम से आरोपी को बुलवाया और बातचीत के दौरान उसकी पहचान पदिया मीणा के रूप में हुई। पहचान उजागर होने पर आरोपी मौके से भागने लगा और पत्थर फेंककर हमले का प्रयास किया। लेकिन कॉन्स्टेबल ने लगातार पीछा करते हुए गिरफ्तार कर लिया।
पूर्व में भी हो चुका है फरार
एसपी यादव ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी 2002 में उपकारागृह सलूंबर से सलाखें काटकर भी फरार हो चुका था और लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। उदयपुर रेंज की विभिन्न पुलिस टीमों द्वारा कई सालों तक प्रयास करने के बावजूद इसे पकड़ने में सफल नहीं हो पाई थीं।
आरोपी उदयपुर के सूरजपोल थाने में भी एक प्रकरण में वांछित था और पुलिस गिरफ्त से फरार चल रहा था। एसपी ने बताया कि अब आरोपी को हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा।






