पाली में एक टीचर ने अपने रिटायरमेंट की खुशी स्कूल के 280 स्टूडेंट के साथ मनाई। स्कूल में हलवाई बिठाकर दाल-बाटी-चूरमा बनवाया। और अपने हाथों से स्टूडेंट की भोजन परोसा। इस खुशी के मौके स्टूडेंट ने भी माला और साफा पहनाकर टीचर से आशीर्वाद लिया और गिफ्ट में ट्रॉली बैग दिया। इस मौके टीचर की भी आंखें भर आई। बोले 10 साल से इन बच्चों के साथ हूं। ये भी मेरे परिवार के सदस्य जैसे इनके बिना रिटायरमेंट की खुशी अधूरी रह जाती।

करीब 10 साल से एक ही स्कूल में
दरअसल पाली जिले के अटपड़ा (सोजत) निवासी भेराराम प्रजापत 23 मई 2016 से बासना गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत है। वे 11-12वीं के स्टूडेंट को इतिहास पढ़ाते है। 25 अक्टूबर 1985 में थर्ड ग्रेड टीचर लगे। पहली पोस्टिंग बेड़ कलां (जैतारण) में हुई और वर्तमान में बासना स्कूल में कार्यरत है। नौकरी के दौरान उन्होंने बीए करने के बाद साल 1994 में बीएड की।

रिटायरमेंट से पहले स्टूडेंट के लिए रखी पार्टी टीचर भेराराम प्रजापत ने बताया कि वे पिछले करीब दस सालों से इस स्कूल में पढ़ा रहे है। स्टूडेंट से उनकी अच्छी बॉडिंग है। सच कहूं तो यह मेरे परिवार के सदस्य जैसे ही है। 31 मई 2026 को रिटायरमेंट होना है। लेकिन मई महीने में स्टूडेंट स्कूल में रहेंगे नहीं इसलिए फैसला लिया कि जिन स्टूडेंट के साथ इतने साल बिताए है उनके साथ रिटायरमेंट सेलिब्रेट होना चाहिए। इसलिए 9 फरवरी 2026 को स्कूल में ही हलवाई बिठाया और स्कूल मे पढ़ने वाले पहली से लेकर 12वीं तक के सभी 280 स्टूडेंट के लिए दाल-बाटी-चूरमा बनवाया। अपने हाथों से बच्चों को भोजन भी परसो था।

स्टूडेंट ने गिफ्ट में दिया ट्रॉली बैग, टीचर की भर गई आंखें इस मौके सभी स्टूडेंट ने अपने स्तर पर पैसे एकत्रित किए और अपने फेवरेट टीचर को गिफ्ट में ट्रॉली बैग दिया। साथ ही माला और साफा पहनाकर उनका आशीर्वाद लिया। यह देख टीचर भेराराम प्रजापत की भी आंखें एक बार तो भर आई। उन्होंने स्टूडेंट को गले लगाया और भरे हुए गले से बोले कि रिटायरमेंट हो रहा हूं लेकिन कभी पढ़ाई में परेशानी आ जाए तो उन्हें पढ़ाने के लिए तैयार रहेंगे।






