जोधपुर | यौन उत्पीड़न के मामले में आजीवन कारावास काट रहे आसाराम से जुड़ी आपराधिक अपीलों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इन अपीलों की सुनवाई में कोई स्थगन नहीं दिया जाएगा। 16 फरवरी से रोजाना सुनवाई होगी। जस्टिस अरुण मोंगा व जस्टिस योगेंद्रकुमार पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष आसाराम सहित अन्य अपीलों पर सुनवाई हुई।
आसाराम के अधिवक्ता विवेकराज सिंह बाजवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए। उन्होंने कहा कि अपील की पेपर बुक हजारों पन्नों की है। ऐसे में संवेदनशील मामले में भौतिक रूप से सुनवाई जरूरी है। इसके लिए समय मांगा। अन्य अपीलों में एक वरिष्ठ अधिवक्ता पारिवारिक शोक के कारण उपस्थित नहीं हो सके। जबकि एक मामले में नए अधिवक्ता की नियुक्ति होने से तैयारी के लिए समय की मांग की गई।
इन दलीलों पर कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत मामला समयबद्ध है। इसलिए 16 फरवरी से सुनवाई अनिवार्य रूप से शुरू होगी। इसके बाद कोई स्थगन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अपीलों की सुनवाई रोज़ाना बोर्ड के अंत में या दोपहर 2 बजे, जो पहले हो, तब तक होगी, जब तक पक्षों की बहस पूरी नहीं हो जाती। गौरतलब है कि यह अपीलें वर्ष 2018 से लंबित हैं और सुप्रीम कोर्ट ने शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए थे।





