भीलवाड़ा में अवैध बजरी खनन और इसके परिवहन को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने गांव से निकल रहे 6 से ज्यादा अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टरों को आधे घंटे तक रोके रखा और पुलिस को सूचना दी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी पुलिस टीम एक घंटे तक नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने चेतवानी दी कि अवैध खनन नहीं रोका गया तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करेंगे।
मामला जिले के भादू गांव का है। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में लंबे समय से अवैध बजरी खनन जारी है, जिससे हादसों का खतना बना हुआ है।
ट्रेक्टर की चपेट में आने से युवक हुआ था घायल
मामला मांडल थाना क्षेत्र के भादू गांव का है, दो दिन पहले गुरुवार को गांव के एक युवक को अवैध बजरी खनन में लगे ट्रैक्टर ने चपेट में ले लिया था। घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश था और इसी के विरोध को लेकर शनिवार सुबह कुछ ग्रामीण रेकी के लिए गांव के बाहर एकत्र हुए। जहां बजरी से भरे ट्रैक्टर निकलते देख उन्हें रोक दिया गया।
सूचना देने के एक घंटे बाद भी नहीं पहुंची पुलिस-प्रशासन
ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और संबंधित विभाग को सूचना दी। लेकिन आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे ग्रामीणों में और रोष बढ़ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ढिलाई के कारण अवैध खनन माफिया बेखौफ होकर गतिविधियां चला रहे हैं।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध बजरी खनन पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल ट्रैक्टरों को रोककर ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।






