राजस्व की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम पिछली कांग्रेस सरकार पर चारागाह जमीन के गलत तरीके से आवंटन कर 400 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया।
इससे पहले विधानसभा में आज (शनिवार) राजस्व की अनुदान मांगों पर बहस शुरू होने से पहले इसका प्रस्ताव रखते वक्त राजस्व मंत्री हेमंत मीणा से चूक हो गई। हेमंत मीणा अनुदान मांग की राशि गलत बोल गए, जिसकी वजह से मंत्री से दोबारा प्रस्ताव रखवाया गया। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने राजस्व मंत्री से डिमांड की राशि सही बोलने को कहा।
कांग्रेस सरकार ने गांव वालों की एक नहीं सुनी थी बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा- बीसलपुर विस्थापितों को मुआवजे के नाम पर चारागाह जमीन अलॉट की, लेकिन उसी जमीन को कांग्रेस नेताओं ने अपने चहेतों के नाम करवा ली। ग्रामीण इसके विरोध में थे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। कांग्रेस के प्रभावशाली नेताओं ने चारागाह जमीन का 400 करोड़ का घोटाला किया। चारागाह की जमीन नहीं दे सकते थे, लेकिन मुआवजे के नाम पर जमीन दी। इसके दोषी अफसरों के खिलाफ तत्कलीन सीएम अशोक गहलोत ने कार्रवाई ड्रॉप कर दी।

रात को ऑफिस खोलकर रजिस्ट्रियां हुईं बीजेपी विधायक शत्रुघ्न गौतम ने कहा- केकड़ी में कांग्रेस राज के दौरान बाइपास को सांप की तरह घुमाया गया। जहां कांग्रेस नेताओं की जमीनें थीं, वहीं बाइपास घुमा दिया। कांग्रेस नेताओं के चहेतों के नाम 400 से ज्यादा रजिस्ट्री की गई। तहसीलदार ने तबादले के बाद रात में दफ्तर खोलकर रजिस्ट्री की। इन सब गड़बड़ियों की जांच करवाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
विधायक का आरोप, प्रभारी मंत्री ने फोन नहीं उठाया राजस्व की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक रीटा चौधरी ने झुंझुनूं के प्रभारी मंत्री (सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत) पर गंभीर आरोप लगाए। रीटा चौधरी ने कहा- मेरे क्षेत्र मंडावा में हवेलियों और जमीन कब्जे करने के लिए माफिया सक्रिय हैं। मैंने इसकी शिकायत कई जगह की। प्रभारी मंत्री को भी फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया। प्रभारी मंत्री हवेलियों पर कब्जा करवाने सहित कई तरह के गलत कामों में लिप्त हैं। उस वक्त का कलेक्टर भी गड़बड़ी कर रहा था।







