जयपुर(सुनील शर्मा) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देशों की पालना में जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आमजन की सुविधार्थ वर्षाजनित समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।
जयपुर विकास आयुक्त आनन्दी ने बताया कि 10 सितम्बर, 2024 तक बाढ़ नियंत्रण केंद्रों पर कुल 1846 से अधिक वर्षाजनित समस्याएं प्राप्त हुई है जिनका जेडीए द्वारा त्वरित निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त जेडीए द्वारा सभी जोन्स के स्तर पर भी वर्षाजनित समस्याओं के निस्तारण के लिये तत्परता से कार्य सम्पादित किये जा रहे हैं।जविप्रा स्तर पर पॉट होल्स को कोल्ड मिक्स के पैचिंग मेटेरियल के द्वारा भरा जा रहा है।
विभिन्न जोन्स के स्तर पर डब्लयूबीएम या जीएसबी के द्वारा आवष्यकतानुसार खड्डे,रोड कट्स इत्यादि को भरा जा चुका है,जिन्हें वर्षा उपरान्त बिटुमन से भर दिया जाएगा एवं इन्हें भरने के लिए जोन स्तर पर पिकअप,टैक्टर ट्रोली का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस वर्ष नयी सीवर लाईन गैस पाईप लाईन,पानी की लाईन डालने के दौरान खोदी गयी सड़को को निरन्तर मिट्टी के कट्टों,डब्लयूबीएम या जीएसबी से भरा जा रहा है।वर्षा के दौरान कचरे से बंद ग्रेटिंग को साफ करवाया जा रहा है।बारिश के दौरान समस्त अंडर पासों को चालू रखने के प्रयास किये जा रहे है।आमजन के लिए विभाग के इंजीनियरों द्वारा लगातार दिन एवं रात में आमजन के लिए कार्य सम्पन्न कराये जा रहे हैं।
जेडीए द्वारा सिविल रिपेयर और पेच रिपेयर हेतु हर,जोन्स में पृथक से कार्यादेष जारी किये गये है।जिन्हें बाढ़ नियंत्रण कार्यों में भी आवश्यकतानुसार इस्तेमाल किया जा रहा है।
समस्त अंडरपास को शीघ्रता से खाली करवाने हेतु तत्परता से संसाधन लगाये जा रहे है।पुरानी सीवर लाईन्स के टूटने पर मुस्तैदी से रिपेयर कार्य आवष्यकतानुसार किये जा रहे हैं। जविप्रा के विभिन्न उपायुक्त, इंजीनियरिंग,हॉर्टीकल्चर टीमों द्वारा जल भराव,वर्षा के भराव से प्रभावित परिवारों की षिफ्टिंग टूटे पेडों को हटाने,ट्रैफिक लाईटों और बिजली के खम्भों के क्षतिग्रस्त होने पर शीघ्रता से रिपेयर करने की कार्यवाही भी सतत स्तर एवं तत्परता से की जा रही है।

इस वर्ष ड्रेनेज सिस्टम की सीमितता, विभिन्न नवीन विकास कार्यों यथा, सीवर लाईन,गैस पाईप लाईन,पीने के पानी की लाइन्स के डालने के लिए खोदी गई सड़कों के सैटलमेंट के कारण आ रही दिक्कतों के लिए तत्परता से रिपेयर कार्य किये जा रहे हैं।






