जयपुर, राजस्थान में विधानसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में मंत्री का धरने पर बैठना कांग्रेस पार्टी को कितना नुक़सान पहुंचा सकता है यह भविष्य के गर्त में है खेल व युवा मामलात मंत्री अशोक चांदना ने 8 सितम्बर को हिण्डौली-नैनवा के बिजली उपभोक्ताओं व किसानों की बिजली और ट्रांसफार्मरों को बदलने के मामले में कलेक्ट्रेट पर धरने पर बैठकर सरकार को असहज कर दिया था
अपनी ही सरकार में मंत्री के धरने पर बैठने से विपक्ष के मुद्दों को और मजबूत किया।
कांग्रेस की बैठक में मुख्यमंत्री ने अशोक चांदना को फटकार लगाते हुए कहा कि धरने पर बैठने से पहले हमसे बात तो करते तो मंत्री अशोक चांदना जबाब देते हुए कहा कि एक-एक ट्रांसफार्मर के लिए भी मुख्यमंत्री से कहना पड़ेगा तो हमारा मंत्री पद किस काम का, मुख्यमंत्री के हर सवाल पर मंत्री ने बेबाकी से जबाव दिया तो मुख्यमंत्री ने प्रदेश अध्यक्ष को कहा कि सरकार के मंत्री धरना प्रदर्शन पर बैठते हैं तो आपको मंत्री को नोटिस देना चाहिए
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गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने योजनाओं को लेकर हिण्डौली विधानसभा में आयोजित एक सभा में कहा था कि अशोक चांदना आप मांगते-मांगते थक जाओगे लेकिन मैं देते-देते नहीं थकुंगा
क्या मंत्री के हाजिर जवाब उनको कितना नुक़सान पहुंचाया है यह तो टिकट वितरण के समय मालूम चलेगा






