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ईओ परीक्षा घूसकांड के आरोपी केसावत पर मेहरबानी!:भ्रष्टाचार की धाराएं हटाईं, 18.50 लाख लेते पकड़े गए थे पूर्व मंत्री

ईओ परीक्षा घूसकांड में 18.50 लाख रु. घूस लेते गिरफ्तार राज्य घुमंतू जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत और पूर्व पशु चिकित्सक सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं हटाकर चालान पेश किया है। एसीबी ने इन्हें सिर्फ जालसाजी का आरोपी माना है।

ऐसे में अब ट्रायल सामान्य कोर्ट में चलेगा। पीसी एक्ट के तहत प्रकरण में ट्रायल लंबा चलता है और आरोपियों की जमानत में भी वक्त लगता है।

मंगलवार को एसीबी परिवादी को बगैर किसी तरह की सूचना दिए कोर्ट में चालान पेश करने के लिए पहुंच गई, लेकिन न्यायालय ने ब्यूरो से परिवादी को नोटिस देकर बुलाने का आदेश दिया।

परिवादी धानोठी छोटी जिला चूरू निवासी अधिवक्ता हरदीप सिंह सुंदरिया को बुलवाया और मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया। पीसी एक्ट की धाराएं हटाने पर परिवादी ने अपनी आपत्ति जताने के लिए समय मांगा और 13 बिंदुओं का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।

परिवादी ने जिस फोन-पे पर 50 हजार डाले थे, वह बरामद नहीं हुआ
परिवादी की याचिका के अनुसार पूर्व मंत्री गोपाल केशावत की मोबाइल चैट जिसमें ढाई-ढाई करोड़ और 80-80 लाख लेकर कितने अयोग्य अभ्यर्थियों को आरपीएससी के मार्फत भर्ती करवाया गया? चैट प्रिंट एक से 60 तक में जांच की स्थित, रविन्द्र के बताए फोन-पे पर 50 हजार रुपए बरामद करने और जिस नंबर पर रुपए गए उसका भी पता लगाने की मांग की है।

लोकसेवक की भूमिका नहीं मिली
तफ्तीश से लोकसेवक की भूमिका सामने नहीं आई है। गोपाल केसावत राज्य घुमंतू जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। प्रकरण में कोई पब्लिक सर्वेंट नहीं है, हमने चालान पेश कर दिया। चालान पेश करते समय परिवादी को सूचना देने का कानून में उल्लेख नहीं है। -हेमंत प्रियदर्शी, एडीजी, एसीबी जयपुर

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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