विधानसभा में जिले खत्म करने के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने शून्यकाल में विपक्ष को मुद्दा उठाने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में फैसला वापस ले लिया।
इससे नाराज कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ा तो देवनानी ने कुछ देर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी। फिर कार्यवाही शुरू होने पर भी गतिरोध खत्म नहीं हुआ है।
इससे पहले विधानसभा में आज प्रश्नकाल शुरू होते ही दो मुद्दों को लेकर सदन में खींचतान के हालात बन गए। स्पीकर ने सवालों के जवाब पढ़े हुए माने जाने और सीधे पूरक सवाल पूछने की व्यवस्था लागू करने की घोषणा की। इस पर मंत्रियों ने विरोध किया।

कांग्रेस विधायक घोघरा ने की टिप्पणी
वहीं, जनजातीय इलाकों में महिला छात्रावास खोले जाने से जुड़े सवाल पर गणेश घोघरा की मंत्री पर की गई टिप्पणी से हंगामा हो गया। कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने कहा- जनजाति विकास विभाग महिला छात्रावास क्यों नहीं खोलना चाहता है।
इस पर जनजाति विकास (TAD) मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कहा- हमारा विभाग महिला छात्रावास नहीं खोलता है, यह नियमों में नहीं है। अगर आपको लगता है तो सरकार वृद्ध आश्रम चलती है। वहां महिला और पुरुष दोनों रह सकते हैं।

स्पीकर बोले- मंत्री पर टिप्पणी नहीं करोगे
इस पर गणेश घोघरा ने सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री जी, आप फिर TAD मंत्री क्यों बने हैं। जब जनजाति का विकास ही नहीं कर सकते।
गणेश घोघरा की टिप्पणी पर स्पीकर ने आपत्ति जताते हुए कहा- आप सीधे कमेंट नहीं कर सकते, आप सवाल पूछ सकते हैं। मंत्री पर टिप्पणी नहीं करोगे।
घोघरा ने कहा कि आप स्कूलों में नामांकन क्यों नहीं बढ़ाना चाहते ,आप आदिवासियों को हक दिलाना चाहते। मंत्री ने कहा कि यह नियमों में है कि हम स्कूल ज्यादा नहीं खोल सकते।






