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बेटों ने संपत्ति से बेदखल करने पर बुलाई पंचायत:​​​​​​​पंचों ने बुजुर्ग दंपती पर लगाया 5 लाख का जुर्माना; वीडियो बना रही बहू के कपड़े फाड़े

 

पाली पांच में से दो बेटों को संपत्ति से बेदखल करना बुजुर्ग दंपती को भारी पड़ गया। नाराज दोनों बेटों ने पंचायत बुला ली। पंचों ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए पांचों बेटों को संपत्ति में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया। पांच दिन में ऐसा नहीं करने पर 5 लाख का जुर्माना और समाज और गांव से बेदखल करने का आदेश दे दिया। मामला पाली जिले के सोजत रोड के एक गांव का है।

मामले में 28 साल की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बताया कि काम-काज के सिलसिले में उसके पति मुंबई रहते हैं और वह सास-ससुर की सेवा के लिए गांव में रहती है। उसके ससुर के 5 बेटे हैं, जिनमें से दो बेटे उनकी सेवा नहीं करते। ऐसे में दो बेटों को ससुर ने संपत्ति से बेदखल कर दिया। इससे नाराज होकर उन्होंने 6 सितंबर को गांव में पंचायत बुलाई। जिसमें उसे और उसके सास-ससुर को बुलाया।

पंचों ने उनके ससुर को सभी पांचों बेटों में संपत्ति का बंटवारा करने की बात की और पंचायत करने लगे। इस पर उसने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना शुरू कर दिया तो पंच जय सिंह नाराज हो गए और उनके कहने पर जेठाराम, पुष्पा, मंजू, सुशीला ने उसके साथ गलत व्यवहार करते हुए उसके कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल छीन कर तालाब में फेंक दिया। हंगामा हुआ तो पंचायत रोक दी गई। फिर 11 सितंबर को पंचायत बुलाई गई, जिसमें उनके पति को भी मुंबई से बुलाया गया।

रिपोर्ट में बताया कि पंचायत में उसके पति, जेठ, ननदोई और सास-ससुर भी मौजूद थे। पंचों ने फरमान सुनाते हुए उसके ससुर को 5 दिन में सभी पांचों बेटों में समान रूप से संपत्ति का बंटवारा करने के निर्देश दिए। इस पर उन्होंने मानने से इनकार कर दिया। बोले कि दो बेटों ने पिछले 15 सालों से उनकी सेवा नहीं की तो उन्हें संपत्ति में हिस्सा क्यों दूं? इस पर पंचों ने पांच दिन में ऐसा नहीं करने पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाने और समाज और गांव से बहिष्कृत करने की बात कही, लेकिन उसके ससुर नहीं माने तो पांच दिन बाद उन्हें गांव और समाज से बेदखल कर दिया। इससे परेशान होकर उन्होंने मामला दर्ज कराया है।

वृद्ध के 5 में से 4 बेटे रहते हैं मुंबई

वृद्ध दंपती के पांच बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा गांव में खेती करता है। दूसरे नंबर के बेटे की मुंबई में हार्डवेयर की शॉप है। तीसरे नंबर के बेटे की मुंबई में प्लास्टिक पाइप बनाने की फैक्ट्री है। चौथे और पांचवें नंबर के बेटे घरेलू काम में आने वाले प्लास्टिक आइटम होलसेल में बेचते हैं।

वृद्ध माता-पिता की सेवा के लिए तय कर रखी है ड्यूटी
वृद्ध के पांच में से दो बेटे उनकी सेवा नहीं करते हैं। ऐसे में उन्हें संपत्ति से बेदखल करने के लिए उन्होंने एक न्यूज पेपर में विज्ञापन भी दिया। तीन भाई जो माता-पिता की सेवा पिछले करीब चार साल से कर रहे हैं, वे अपनी पत्नियों को एक-एक महीने गांव में माता-पिता की सेवा करने के लिए भेजते हैं। वृद्ध के सबसे बड़े बेटे की उम्र करीब 55 साल और सबसे छोटे बेटे की उम्र 35 साल है।

बेटे सेवा नहीं करते हैं फिर क्या करूं?
75 साल के पीड़ित वृद्ध ने कहा कि पांच बेटे हैं, दो बेटे आते-जाते भी नहीं है और बुढ़ापे में हमारी सेवा तक नहीं करते। इसलिए परेशान होकर दोनों बेटों को संपत्ति से बेदखल किया, लेकिन उन्होंने गांव में पंचायत बुला ली। पंचों ने 5 लाख रुपए का दंड लगाया। ऐसे बेटे किस काम के जो बुढ़ापे में मां-बाप की सेवा नहीं करना चाहते हैं और संपत्ति में बंटवारा मांगते हैं।

इन 11 जनों के खिलाफ कराया मामला दर्ज
सोजतरोड SHO सरजिल मलिक ने कहा कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बंटवारे को लेकर भाइयों में विवाद का मामला है। रिपोर्ट में महिला ने खारड़ी गांव निवासी शंकरलाल पुत्र गमनाराम, बस्तीराम पुत्र गमनाराम, जयसिंह पुत्र कनसिंह, ढगलाराम पुत्र मगनाराम, अमराराम पुत्र ओगड़राम, रमेश पुत्र ओगड़राम, किशोर पुत्र जसराज, जेठाराम पुत्र उमाराम, सुशीला, पुष्पा और मंजू के खिलाफ मामला दर्ज कराया।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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