राज्य विधानसभा में मंगलवार को मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। भारत आदिवासी पार्टी, बसपा, आरएलडी एवं निर्दलीय विधायक मौजूद रहे। सदस्यों ने सवाल किए और मंत्रियों ने जवाब भी दिए। शून्यकाल में सदस्यों ने कहा भी कि मुख्य विपक्षी पार्टी के सदस्य नहीं होने की वजह से सदन सूना-सूना लग रहा है।
भाजपा सदस्य श्रीचंद कृपलानी ने तो यहां तक कह दिया कि सत्ता पक्ष के कुछ सदस्य विपक्ष की खाली कुर्सियों पर बैठ जाते हैं ताकि सदन में माहौल बना रहे। इसके बाद सदन में ठहाके भी गूंजे।
राशन की दुकानों पर फिर से चीनी बांटने पर विचार करेगी सरकार
राज्य सरकार ने बताया कि प्रदेश के इस बजट में अंत्योदय परिवारों के लिए 5000 अन्नपूर्णा भंडार खोले जाएंगे। इन भंडारों में पहले की तरह चीनी वितरण पर भी सरकार विचार कर रही है। प्रश्नकाल के दौरान विधायक कालीचरण सराफ के सवाल के जवाब में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि 31 मार्च 2021 को चीनी का आवंटन आदेश जारी किया गया था, इसके बाद से चीनी का वितरण बंद है। इस दौरान सराफ की मंत्री गोदारा से अच्छी खासी बहस भी हो गई।
कांग्रेस विधायक का सवाल अध्यक्ष ने पूछा कांग्रेस सदस्यों के अभाव में प्रश्नकाल का समय करीब डेढ़ मिनट पहले ही समाप्त हो रहा था। ऐसे में कांग्रेस सदस्य मनीष यादव का सवाल विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने यह कहते हुए पूछा कि सवाल बहुत महत्वपूर्ण है। जवाब में वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण अभियान के तहत 7 करोड़ वृक्षारोपण का लक्ष्य लिया गया था। इसके विरूद्ध 7.22 करोड़ पौधे रोपित कर,लक्ष्य से अधिक उपलब्धि अर्जित की गई। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत वन विभाग की ओर से 80 हजार हैक्टेयर वन भूमि पर 2.50 करोड़ पौधे और विभिन्न विभागों,गैर सरकारी संगठनों एवं आमजन आदि की ओर से 4.72 करोड़ पौधे रोपित किए गए।
डोटासरा का भर्ती से संबंधित सवाल शामिल नहीं किया प्रश्नकाल में पहला ही सवाल कांग्रेस सदस्य एवं पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का था। इसमें राज्य सरकार की ओर से भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितता की जांच के लिए गठित एसआईटी रिपोर्ट से संबंधित था। इसमें सदन के माध्यम से जानना चाहा गया था कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया। निलंबन की वजह से प्रश्नकाल में यह सवाल शामिल ही नहीं किया। हालांकि, कांग्रेस बाकी सदस्यों की ओर से पूछे गए 10 सवालों के लिखित जवाब दिए गए।
एक साल में नि:शुल्क दवा योजना में 89 सैंपल फेल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि नि:शुल्क दवा योजना के तहत पिछले एक साल में 89 सैंपल फेल हुए और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। विधायक राजेंद्र के सवाल के जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने लिखित में यह जानकारी दी। विभाग ने बताया कि योजना के तहत आमजन को सभी निशुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही है। इसमें मेडिकल कॉलेजों से संबंधित चिकित्सालय संस्थानों में 1834 दवाइयां, सर्जिकल शूटर्स इस सूची में शामिल हैं।






