Poola Jada
Home » राजस्थान » श्रीडूंगरगढ़ से 3 बार MLA रहे किशनाराम नाई का निधन:भैरों सिंह शेखावत के नजदीकी रहे; लंबे समय से थे बीमार, देर रात ली अंतिम सांस

श्रीडूंगरगढ़ से 3 बार MLA रहे किशनाराम नाई का निधन:भैरों सिंह शेखावत के नजदीकी रहे; लंबे समय से थे बीमार, देर रात ली अंतिम सांस

श्रीडूंगरगढ (बीकानेर) के पूर्व विधायक किशनाराम नाई का सोमवार देर रात निधन हो गया। मंगलवार को दोपहर 2 बजे उनका अंतिम संस्कार श्रीडूंगरगढ़ के कालू रोड स्थित मोक्षधाम में होगा। पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत के नजदीकी रहे किशनाराम नाई तीन बार विधायक बने और दो जिलों में भाजपा के देहात अध्यक्ष भी रहे।

वे 93 साल के थे। कुछ दिन पहले तक राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे। पिछड़े वर्ग के बड़े नेता के रूप में अपनी पहचान रखने वाले किशनाराम नाई पिछले कई दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। ऐसे में कई वरिष्ठ भाजपा नेता लगातार उनके घर पहुंच रहे थे। सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली।

श्रीडूंगरगढ (बीकानेर) के पूर्व विधायक किशनाराम नाई का सोमवार देर रात निधन हो गया। (फाइल फोटो)
श्रीडूंगरगढ (बीकानेर) के पूर्व विधायक किशनाराम नाई का सोमवार देर रात निधन हो गया। (फाइल फोटो)

दो जिलों में भाजपा देहात अध्यक्ष बने

किसनाराम नाई को राज्य के दो जिलों में भाजपा का देहात अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। दरअसल, श्रीडूंगरगढ़ पहले चूरू जिले का हिस्सा था। तब वो चूरू के देहात अध्यक्ष बने। इसके बाद श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर में शामिल हो गया। तब वो बीकानेर में भाजपा के देहात अध्यक्ष बने।

पूर्व मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत के नजदीकी रहे किशनाराम नाई वर्ष 1990 में दिग्गज नेता कुंभाराम आर्य को हराकर प्रदेश की राजनीति में चर्चा में आए। वो पहली बार तब विधानसभा में पहुंचे। साल 1993 में जब भैरोसिंह शेखावत की सरकार पर संकट आया तो किशनाराम नाई ने ही इस संकट से उबारा था। 1 जनवरी 1935 को जन्मे किशनाराम नाई राजनीतिक जीवन में हमेशा चर्चा में रहे।

किशनाराम काफी समय से बीमार थे। सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। (फाइल फोटो)
किशनाराम काफी समय से बीमार थे। सोमवार देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। (फाइल फोटो)

पार्षद बनकर शुरू किया राजनीतिक जीवन

किशनाराम नाई ने अपना राजनीतिक जीवन 1956 में नगर पार्षद के रूप में शुरू किया। लगातार पार्षद, नगर उपाध्यक्ष और सभापति बने। उसके बाद वे तत्कालीन डूंगरगढ़ क्षेत्र के विधायक स्वर्गीय मोहन लाल शर्मा के साथ रहने लगे, उनके साथ जयपुर आने जाने लगे और उसी दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत से मुलाकात हुई।

शेखावत के चहेते बन गए। जब 1980 में जनसंघ से भाजपा का गठन हुआ तो भैरों सिंह शेखावत ने तत्कालीन पार्टी को मजबूत करने के लिए किशनाराम नाई को चूरू की कमान सौंपी। कभी पार्टी के संस्थापक सदस्य रहे किशनाराम नाई को पार्टी ने कई बार टिकट दिया और कई बार नहीं दिया, इसके बाद भी वो कांग्रेस विरोधी रहे।

किशनाराम नाई नगर अध्यक्ष, दो बार चूरू से भाजपा के जिला अध्यक्ष और दो बार बीकानेर देहात से जिला अध्यक्ष बने। भाजपा के प्रदेश मंत्री रहे, कई बार लोकसभा और विधानसभा चुनाव के प्रभारी भी रहे। 14 साल तक समाज के प्रदेश अध्यक्ष रहे। भाजपा पार्टी के संस्थापक सदस्य भी रहे।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS